सितारगंज। कर्ज में डूबी सिडकुल की एक कंपनी से मशीनों समेत तमाम सामान चोरी हो गया। कंपनी के अधिकारियों ने फैक्ट्री का मुआयना कर चोरी गए सामान का आकलन करने के बाद सिडकुल पुलिस चौकी में तहरीर सौंपी है। अधिकारियों ने करीब एक करोड़ रुपये का सामान चोरी होने की अनुमान लगाया है।
सितंबर 2017 में कर्ज के कारण सिडकुल की एएनजी ऑटो इंडस्ट्रीज कंपनी को कोर्ट ने बंद कर दिया था। इसके बाद से कंपनी में ताले लटके हुए हैं। शुक्रवार को कंपनी के तरुण शर्मा और मनोज वर्मा फैक्ट्री पहुंचे। उन्होंने फैक्ट्री में सामान चोरी की शिकायत की जांच की तो पता चला कि कंपनी में रखीं 70 वेल्डिंग मशीनें, 10 रोलर, केबल, तीन उत्पादन मशीन के अलावा स्टोर में रखी वेल्डिंग रॉड, पेंट आदि सामान गायब है।
इस पर उन्होंने सिडकुल चौकी पुलिस को तहरीर सौंपी। तरुण शर्मा ने बताया कि कंपनी से करीब एक करोड़ रुपये का माल चोरी हुआ है। कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण कंपनी बंद पड़ी है। शुक्रवार को जब कंपनी का मुआयना करने पहुंचे तो कंपनी में सीलबंद ताले टूटे मिले जबकि सील लगी हुई पाई।
एक साल से नहीं मिला वेतन, प्रदर्शन
सितारगंज। एएनजी कंपनी के बंद होने के कारण एक साल से करीब 150 श्रमिकों को वेतन ही नहीं मिला है। इसकी वजह से श्रमिकों को आर्थिक परेशानी से जूझना पड़ रहा है। शुक्रवार को जब कंपनी के अधिकारी मुआयना करने पहुंचे तो श्रमिकों ने वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन पर वेतन न देकर श्रमिकों का आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि बंद प्लांट से कंपनी का एक अधिकारी मिलीभगत कर माल चोरी कराता है। कहा कि कंपनी के गार्ड जब तक रहे, तब तक चोरी नहीं हुई।
पिछले दो महीने से गार्ड को कंपनी ने हटा लिया। इसके बाद से चोरी की घटनाएं हो रही हैं। आरोप लगाया कि कंपनी के कैंटर से ही माल चोरी किया गया है। उन्होंने अधिकारियों से उक्त कंपनी अफसर के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने और उनका बकाया वेतन देने की मांग की।
वहां श्रमिक रामादल, सुरेश कुमार, नफीस अंसारी, विक्रम सिंह, बालम सिंह, अनिल कुमार, महरूद्दीन, समीर अहमद, भजन सिंह, संतोष कुमार, अलताफ अंसारी, जनक सिंह, विशाल राणा, दौलत सिंह, ललित वर्मा, आशीष मंडल आदि थे।