बैलजुड़ी के रहने वाले जियाउद्दीन की मौत से लोगों में पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश था। पोस्टमार्टम हाउस से लेकर बैलजुड़ी तक दर्जनों बार लोगों का गुस्सा भी फूटा। भीड़ में शामिल ज्यादातर के चेहरे गुस्से से लाल और जुबां पुलिस के खिलाफ आग उगल रही थी। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार जनता का आक्रोश झेलना पड़ा।
बुधवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस में भारी भीड़ जमा हो गई। लोग आरोपियों को बर्खास्त करने और जेल भेजने की मांग को लेकर शोरशराबा करते रहे। कई बार चले घटनाक्रम ने पुलिस के हाथ पांव फुलाकर रख दिए थे। अधिकारी और गणमान्य लोग समझाते तो थोड़ी देर बाद फिर कुछ युवक हंगामा करना शुरू कर देते। लोगों के चेहरों पर पुलिस के प्रति गुस्सा साफ झलक रहा था। आक्रोशित लोग पुलिस के प्रति अपने गुस्सा जाहिर कर रहे थे। शव के बैलजुड़ी पहुंचने पर महिलाएं पुलिस को दुत्कारती रही। मृतक के पिता मोहम्मद यामीन ने एसडीएम दयानंद सरस्वती और एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र से कहा कि बेटा तो मार दिया, अब उन्हें सिर्फ इंसाफ चाहिए। इस पर एसडीएम ने गलती करने वालों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।