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विवाह समारोह से लौट रहे दादी-पोते की हादसे में मौत

Sun, 03 Feb 2019 12:26 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो
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बाजपुर के गांव गजरौला में हादसे के बाद रोते बिलखते परिजन। - फोटो : amar ujala
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केशोवाला-कोसी कांटा मार्ग पर ई-रिक्शा और कार की टक्कर में ई रिक्शा सवार दादी-पोते की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में ई-रिक्शा चालक सहित तीन लोग घायल हो गए। घायलों को सीएचसी में प्राथमिक इलाज के बाद रेफर कर दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दादी और पोता परिवार के साथ एक विवाह समारोह से लौट रहे थे।

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गांव गजरौला निवासी अमरजीत कौर (65), उनका पोता प्रभदीप सिंह (8), पोती हर्षदीप कौर (16) और रणजीत कौर (10) शुक्रवार रात को रामराज रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में रिश्तेदार की शादी में गए थे। देर रात करीब 11 बजे यह लोग ई-रिक्शा से घर लौट रहे थे। बताते हैं कि अमरजीत कौर का पुत्र गुरविंद सिंह और उसकी पत्नी सुखविंदर कौर बाइक से उनके पीछे-पीछे आ रहे थे।

केशोवाला के पास सामने से आ रही कार ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा के परखचे उड़ गए और कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में ई-रिक्शा में सवार अमरजीत कौर और प्रभदीप सिंह, हर्षदीप कौर, रणजीत कौर और चालक ओमवीर सिंह निवासी गांव खुशालपुर को गंभीर रूप से घायल हो गए। खून से लथपथ इन लोगों को बेहोशी की हालत में पुलिस और अन्य वाहनों से सीएचसी लाया गया। यहां डॉक्टरों ने अमरजीत कौर और प्रभदीप सिंह को मृत घोषित कर दिया।
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अन्य घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद रेफर कर दिया गया। इधर, हादसे के बाद चालक कार छोड़कर फरार हो गया। कोतवाल जीबी जोशी, बन्नाखेड़ा चौकी इंचार्ज सुधाकर जोशी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। कोतवाल जोशी के अनुसार कार से एक आधार कार्ड मिला है, जिस पर तेंजेद्र पाल सिंह निवासी गांव भौना इस्लामनगर अंकित है। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड के आधार पर जांच की जा रही है। दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया गया है।


काल बनकर आई मौत प्रभदीप को बाइक से ई-रिक्शा में खींच लाई

बाजपुर। काल बनकर आई मौत मासूम प्रभदीप सिंह को ई-रिक्शा में खींच लाई। शुक्रवार को देर रात 11 बजे शादी समारोह से लौटते समय गुरविंदर सिंह ने अपनी माता अमरजीत कौर, पुत्री हर्षदीप कौर, रणजीत कौर को ई-रिक्शा में बैठा दिया। खुद पत्नी सुखिंदर कौर और आठ वर्षीय मासूम बेटे प्रभदीप सिंह को बाइक से लेकर पीछे-पीछे आ रहा था।

रास्ते में प्रभदीप सिंह ने दादी अमरजीत कौर के साथ जाने की जिद की। इस पर माता-पिता ने अपने मासूम बेटे प्रभदीप सिंह को ई-रिक्शा में दादी की गोद में बैठा दिया। अभी ई-रिक्शा ने करीब तीन सौ मीटर दूरी ही तय की थी कि यह हादसा हो गया। बिलखते माता-पिता यही कह रहे थे कि काश प्रभदीप को ई-रिक्शा में नहीं बैठाया होता...।

एक ही परिवार में मासूम समेत दो की मौत से शोक में डूबा गांव

बाजपुर। हादसे में दादी-पोते की मौत से परिवार में मातम छाया है। पूरे गांव में शोक है। हादसे आहत गुरविंदर सिंह ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं और एक ही बेटा था। प्रभदीप सिंह नैनीताल जिले के बैलपड़ाव स्थित आशा निकेतन में कक्षा दो का छात्र था। इकलौता पुत्र होने के कारण वह परिवार में सभी का लाडला था। इधर, घटना की सूचना के बाद शादी समारोह में भी मातम छा गया।

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