रुद्रपुर। आपदा प्रबंधन सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने सचिवालय से वीडियो कांफ्रेेंसिंग के जरिये सभी जिलाधिकारियों के साथ शीत लहर से बचाव की तैयारियों के लिए समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि हर जिले को शीत लहर से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं जुटाने को 10 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट दिया जा रहा है। सभी तहसीलों में अस्थायी रैन बसेरों की व्यवस्था के साथ ही अलाव जलाने की व्यवस्था, कंबल वितरण के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी डीएम और एसडीएम को शीत लहर से बचाव की व्यवस्थाओं के निरीक्षण के लिए नियमित रात्रि गश्त के निर्देश दिए हैं। डीएम युगल किशोर पंत ने बताया कि चिह्नित 164 जगहों में से आवश्यकतानुसार 28 स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। जिले में 16 रैन बसेरों में 182 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। सर्दी बढ़ने पर आवश्यकतानुसार स्कूलों के समय में भी परिवर्तन किया जा सकता है। बताया कि पशु चिकित्सा के लिए चार मोबाइल वैन रुद्रपुर, काशीपुर, बाजपुर और सितारगंज में तैनात हैं। वीसी के बाद डीएम ने अधिकारियों की बैठक की और मुख्य चिकित्साधिकारी को निराश्रित पशुओं के लिए गोशाला निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पशु शरणालय के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए।
उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी को मिट्टी की जांच के लिए मोबाइल वैन संचालन को प्रस्ताव तैयार करने, फसलों को सुखाने करने, ग्रेडिंग पैकिंग आदि की व्यवस्था के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अटरिया रोड फोरलेन बनाने और किच्छा में गौला नदी पर काली मंदिर से लगभग 50 मीटर आगे संकरे पुल के चौड़ीकरण के लिए कार्य योजना बनवाने के निर्देश भी दिए। वहां एडीएम जय भारत सिंह, एसडीएम अभय प्रताप सिंह, कौस्तुभ मिश्रा, एसएनए राजू नबियाल आदि थे।
सार्वजनिक स्थानों पर जले अलाव, ठंड से मिली राहत
रुद्रपुर। कड़ाके की ठंड शुरू होने के बाद शहर के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलने शुरू हो गए हैं। इससे लोगों को ठंड से राहत मिलने लगी है।
बता दें कि जिलाधिकारी के आदेश के 10 दिन बाद भी रुद्रपुर में अलाव की व्यवस्था नहीं होने पर इस संबंध में अमर उजाला ने लाइव पड़ताल करते हुए प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। खबर छपने के बाद नगर निगम ने मामले का संज्ञान लेते हुए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कर दी है।
मेयर रामपाल सिंह के अनुसार नगर निगम के कर्मचारियों ने इंदिरा चौक, बस स्टैंड, भगत सिंह चौक, गांधी पार्क, बालाजी द्वार, श्रमिक अड्डा, सिडकुल ढाल, अटरिया मोड़ आदि स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कर दी है। रैन बसेरे को भी लोगों के लिए खोल दिया गया है। इधर लोगों की शिकायत है कि अलाव कुछ देर के लिए ही जलाए जा रहे हैं। कम लकड़ियों के चलते यह पूरी रात नहीं जलाए जा रहे हैं। अलाव जलाने के बाद यह फोटो खींचने तक ही सीमित रह गया है। संवाद