सितारगंज में तैनात प्रभारी सब रजिस्ट्रार/निबंधन लिपिक के मोबाइल फोन से जिले के अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर आपत्तिजनक वीडियो भेज दिया गया। वीडियो देखकर कई अधिकारी सकते में आ गए। एडीएम नजूल ने प्रभारी सब रजिस्ट्रार को तत्काल वीडियो डिलीट करने के निर्देश दिए, लेकिन वीडियो डिलीट नहीं हुआ।
मामले में सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने प्रभारी सब रजिस्ट्रार को बाजपुर संबद्ध करने के साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी किया है। हालांकि प्रभारी सब रजिस्ट्रार घटना वाली शाम मोबाइल खोने और उसकी रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।
डीएम के निर्देशन में व्हाट्सएप ग्रुप संचालित है। इसमें डीएम, एडीएम सहित जिलेभर के 200 से अधिक अधिकारी जुड़े हैं। बीते चार मई की रात 9:46 बजे ग्रुप में सितारगंज के प्रभारी सब रजिस्ट्रार के नंबर से एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ। इस संबंध में सहायक महानिरीक्षक निबंधन एएस चौहान ने प्रभारी सब रजिस्ट्रार को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
इसमें कहा गया कि एडीएम नजूल ने प्रभारी सब रजिस्टार को दो मिनट में वीडियो हटाने को कहा गया था लेकिन इसे हटाया नहीं गया। इस संबंध में सहायक महानिरीक्षक एएस चौहान ने बताया कि प्रभारी सब रजिस्ट्रार को बाजपुर संबद्ध किया गया है। कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं मिला है, नोटिस का जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
आईटी एक्ट में भी हो सकती है कार्रवाई
रुद्रपुर। सरकारी अधिकारियों के ग्रुप में अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले में घिरे प्रभारी सब रजिस्ट्रार पर विभागीय के साथ ही कानूनी कार्रवाई की तलवार भी लटक रही है। इस कृत्य को लेकर आला अधिकारियों में खासी नाराजगी है। अश्लील फोटो या वीडियो को वायरल करना आईटी एक्ट के तहत अपराध है। इसका जिक्र सब रजिस्ट्रार को दिए गए नोटिस में भी किया गया है और तत्काल नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिए गए थे लेकिन छह दिन बाद भी इस संबंध में अभी जवाब नहीं दिया जा सका है।
अश्लील फोटो में नप चुके हैं सिडकुल के आरएम
रुद्रपुर। मोबाइल से अश्लील वीडियो भेजने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व सितंबर 2017 में सिडकुल के तत्कालीन आरएम जीएस रावत ने वन विभाग की महिला अधिकारी को अश्लील फोटो भेज दिया था। मामले ने तूल पकड़ा तो जीएस रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के साथ निलंबन कर सिडकुल से हटा दिया गया था। अब प्रभारी सब रजिस्ट्रार पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।