रुद्रपुर। आरटीपीसीआर से कोरोना जांच की जिम्मेदारी अब जिला अस्पताल प्रबंधन को मिल गई है। वायरोलॉजी लैब पर जिला अस्पताल प्रबंधन का नियंत्रण रहेगा। इससे पहले सीएमओ कार्यालय की निगरानी में आरटीपीसीआर जांच हो रही थीं। जिला अस्पताल के एक नेत्र रोग विशेषज्ञ व एनेस्थेटिस्ट के डॉक्टर को वायरोलॉजी लैब की प्रशासनिक व अन्य जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए रैपिड एंटीजन, ट्रू नेट मशीन व आरटीपीसीआर से कोराना जांच की जा रही है। रुद्रपुर में केेविड अस्पताल बनाए जाने के बाद वायरोलॉजी लैब में आरटीपीसीआर से कोरोना की जांच शुरू हो गई है। लैब में अभी प्रतिदिन औसतन 500 सैंपलों की जांच हो पा रही है। शेष जांचें एंटीजन व ट्रू नेट मशीन से हो रही हैं।
जिले में प्रतिदिन औसतन कोरोना की कुल दो हजार सैंपलिंग हो रही हैं। संख्या अधिक होने के कारण कुछ सैंपल गुरुग्राम भी भेजे जा रहे हैं। अब वायरोलॉजी लैब में आरटीपीसीआर से प्रतिदिन 700 सैंपलों की जांच के प्रयास किए जा रहे हैं। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बदलाव करते हुए वायरोलॉजी लैब की जिम्मेदारी जिला अस्पताल प्रबंधन को सौंप दी है।
सीएमओ डॉ. देवेंद्र सिंह पंचपाल ने बताया कि वायरोलॉजी लैब पर जिला अस्पताल प्रबंधन का नियंत्रण रहेगा। जिला अस्पताल में तैनात ईएनटी विशेषज्ञ व एनेस्थेटिस्ट को वायरोलॉजी लैब की जिम्मेदारी दी गई है।