काशीपुर के 39 होटलों में से महज पांच होटलों ने ही उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) से अनुमति ले रखी है। 34 होटल बिना अनुमति लिए ही संचालित हो रहे हैं। इन होटलों को पीसीबी ने वॉटर एक्ट के तहत नोटिस जारी किए हैं। 15 दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पीसीबी होटलों को बंद करने की कार्रवाई शुरू करेगा।
दरअसल होटल संचालन के लिए पीसीबी से वॉटर एक्ट के तहत अनुमति लेना अनिवार्य है। बावजूद इसके जिले के कई होटल बिना अनुमति के ही संचालित हो रहे हैं। पीसीबी ने बीते दिनों काशीपुर के 39 होटलों की लिस्ट बनाकर इनका सर्वे किया था। इनमें से महज पांच होटलों होटल अनन्या, देवस्थली, आरआर, संस्कृति ग्रीन और साधना होटल के पास ही अनुमति पाई गई।
निरीक्षण में 34 होटलों में पीसीबी की अनुमति नहीं पाई गई। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अंकुर कंसल ने बताया कि जिन होटलों के पास पीसीबी की अनुमति नहीं है, उन्हें नोटिस भेजे गए हैं। 15 दिन में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित होटलों को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
इधर, डॉ. कंसल ने बताया कि जिला पर्यटन अधिकारी से जिले में रजिस्टर्ड होटलों की लिस्ट मांगी गई थी, जो पीसीबी को उपलब्ध हो गई है। इन होटलों का निरीक्षण किया जाएगा। डॉ. कंसल ने बताया कि 20 कमरों से अधिक वाले होटलों को वॉटर एक्ट के तहत अपना ट्रीटमेंट प्लांट या बायो डाइजेस्टर लगाना अनिवार्य है।