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अफसरों के तैनाती स्थल बदले,वापस आए नोटिस

Mon, 19 Jun 2017 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
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एनएच 74 घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी के लिए अधिकारियों के तबादलों ने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। मामले की तह तक जाने के लिए एसआईटी ने पूछताछ के लिए करीब 50 से अधिक काश्तकारों के साथ ही एसडीएम कार्यालय में तैनात कर्मचारियों और एसडीएम को नोटिस भेजे थे, जिसमें से टीम अब तक 31 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इस बीच कई अफसरों के तैनाती स्थल बदल जाने से टीम की ओर से भेजे गए नोटिस वापस आ गए हैं। अब टीम उन अधिकारियों और कर्मचारियों को नये सिरे से नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है।
एनएच मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम) ने अपनी जांच की रफ्तार बढ़ाई ही थी कि कर्मचारियों के तबादलों ने प्रक्रिया में अवरोध पैदा कर दिया है। दस अफसरों के नोटिस वापस आ गए हैं। अब टीम उनके नए तैनाती स्थल की पड़ताल कर नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है। सोमवार को भी टीम कुछ लोगों से पूछताछ करेगी। मामले की विवेचना कर रहे सीओ स्वतंत्र कुमार का कहना है लोगों से पूछताछ लगातार जारी है, लेकिन करीब दस लोगों को भेजे गए नोटिस वापस आ गये हैं। रविवार को कोई भी पूछताछ के लिए नहीं पहुंचा।
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पूर्व एसएलओ से दोबारा होगी पूछताछ      
रुद्रपुर। एनएच-74 घोटाले में अब तक एसआईटी जिन 31 लोगों से पूछताछ कर चुकी है उनमें दो पूर्व एसएलओ डीपी सिंह और अनिल शुक्ल भी शामिल हैं। पूर्व एसएलओ सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए हैं, जिसके चलते उनसे दोबारा पूछताछ की जाएगी। इसके लिए एसएसपी डा. सदानंद दाते ने अपने मातहतों को आदेश दिए हैं। 

पूछताछ से पहले ले रहे वकीलों की राय
रुद्रपुर। जांच के दायरे में आए काश्तकारों के साथ ही अधिकारियों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। जिन अधिकारियों को टीम ने नोटिस भेजे हैं वे वकीलों से राय-मशवरा करने के बाद अपने बयान देने के लिए टीम के पास आ रहे हैं। शनिवार को भी कई काश्तकार और कर्मचारी वकीलों से राय लेने के बाद अपने बयान देने पहुंचे।
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सीबीआई जांच में लग सकता है महीने भर का समय
रुद्रपुर। घोटाले की जांच एसआईटी से सीबीआई को हस्तांतरित की जाएगी, इसकी पुष्टि होने के बाद भी अंदेशा लगाया जा रहा है कि जांच सीबीआई के पाले में जाने में करीब महीने भर का समय लग सकता है। एसआईटी के अफसरों का यही मानना है। 
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