गेहूं की खरीद करने के लिए मंडी समिति में दो, गांव बरहैनी, गांव फोजी कालोनी, गांव गजरौला, सुल्तानपुर पट्टी, केलाखेड़ा, ताली फार्म, मुंडिया मनी सहित नौ तौल केंद्र खोले गये हैं।
केंद्रों पर बैनर और कांटे लगे हैं। कई स्थानों पर मात्र बैनर ही लगा है कांटे का नामोनिशान नही है। एक अप्रैल से शुरू हुए गेंहू तौल केंद्रों पर पांच दिनों में खरीद शून्य है। जिससे साफ जाहिर होता है कि गेहूं खरीद केंद्र मात्र शोपीस के रुप में ही खोले गये हैं। केंद्रों पर तौल नही हो रही है। गेहूं तौल केंद्रों पर अव्यवस्था को लेकर किसानों में भी भारी आक्रोश है।
सुल्तानपुर पट्टी निवासी कृषक मोहम्मद जान ने कहा कि तौल केंद्र ना कांटा और वारदाना है। भाकियू जिलाउपाध्यक्ष केके शर्मा ने बताया कि गेहूं तौल केंद्रों पर पूरी व्यवस्था नही है। केंद्रों को किसानों की सूची तक उपलब्ध नही कराई गई है। जिससे तौल कराने में बाधा हो रही है।
जल्द ही किसानों का प्रतिनिधि मंडल एसडीएम से मिलेगा। कर्मचारी केवल बैनर लगाकर बैठे हैं। कृषि उत्पादन समिति के सचिव विनोद पड़लिया ने बताया कि अभी गेहूं की आवक नही हुई है। सरकारी रेट 1525 रुपये प्रति क्विंटल है। बाजार रेट अधिक बताया जा रहा है जिससे कांटों पर तौल नही हो रही है।
इधर, तहसीलदार सुदेश चंद ने कहा कि बुधवार को गेहूं तौल केंद्रों पर निरीक्षण कर जायजा लिया जायेगा। उसके बाद कार्रवाई की जायेगी।