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Udham Singh Nagar News: रसायन नहीं, अब अश्वगंधा का अर्क करेगा मांस की हिफाजत

Wed, 10 Dec 2025 12:32 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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पंतनगर। अब मांस उत्पादों की सुरक्षा के लिए रसायनों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की पशु वैज्ञानिक की तीन साल की मेहनत रंग लाई है। आयुर्वेद की मदद से शोध के बाद अश्वगंधा के अर्क से ऐसा हर्बल प्रिजर्वेटिव विकसित किया गया है जो मांस को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में कारगर है।
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पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के पशुधन उत्पाद तकनीक विभाग में यह तरीका खोजा गया है। पशु वैज्ञानिक डॉ. अनीता के इस शोध में खास तरीके से तैयार अश्वगंधा अर्क का मांस उत्पादों की गुणवत्ता और संरक्षण पर प्रभाव का अध्ययन किया गया। परीक्षणों में यह साबित हुआ कि यह हर्बल अर्क सिंथेटिक खाद्य प्रिजर्वेटिव का बेहतरीन विकल्प बन सकता है। इससे भविष्य में खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए रसायनों का उपयोग काफी हद तक खत्म हो जाएगा।


ऐसे बना आयुर्वेदिक विकल्प

शोध के दौरान अश्वगंधा अर्क का खास तरीके से अर्क तैयार किया गया। अल्ट्रासोनिक एक्सट्रेक्टेड अर्क का माइक्रो-एनकैप्सुलेशन (सूक्ष्म संपुटन) किया गया ताकि इसे एंटी ऑक्सीडेंट और जीवाणुरोधी तत्व के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। परीक्षण में यह भी सामने आया कि माइक्रो-एनकैप्सुलेटेड अश्वगंधा अर्क में एंटीलिसटेरियल गतिविधि पाई गई। यानी यह लिस्टेरिया जैसे खतरनाक जीवाणुओं के खिलाफ भी प्रभावी है। हाल ही में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली में भारतीय मांस विज्ञान संघ के 13वें राष्ट्रीय सम्मेलन में इस नवोन्मेषी शोध के लिए डॉ. अनीता को सराहना मिली है।
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सिंथेटिक खाद्य प्रिजर्वेटिव को बदलने के लिए अश्वगंधा का हर्बल अर्क बेहद मुफीद है। इस शोध से न केवल खाद्य सुरक्षा को नई दिशा मिलेगी बल्कि सिंथेटिक प्रिजर्वेटिव पर निर्भरता भी कम होगी। -डॉ. अनीता, शोधकर्ता व सह प्राध्यापक, पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय
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