क्षेत्र में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। प्रशासन की अनुमति के बिना 10 एकड़ उपजाऊ जमीन को पोकलैंड मशीन से बंजर बना डाला। पुलिस की नाक के नीचे अवैध मिट्टी खुदान हो रहा है। लेकिन, पुलिस सोई हुई है। इससे ग्रामीणों में रोष है। पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इधर कवरेज करने गए पत्रकारों को खनन माफियाओं के गुर्गों ने धमकाने का प्रयास किया।
जिला प्रशासन चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने में मशगूल है। इसका फायदा उठाकर खनन माफिया उपजाऊ जमीन को बंजर बनाने में लगे हैं। एनएच 74 के निर्माण में लगी कार्यदायी संस्था एचजी इंफ्रा स्थानीय खनन माफियाओं से मिलकर क्षेत्र की उपजाऊ जमीन को बंजर बनाने में लगी है। ग्राम बिडौरी सलमती में कैलाश नदी के किनारे खनन माफियाओं ने पोकलैंड मशीन से करीब 10 एकड़ जमीन को बंजर बना दिया। कंपनी के दर्जन भर से अधिक डंपर रात दिन मिट्टी ढोने में लगे हैं।
खनन में लगे ओवरलोड डंपरों के चलते गांव का संपर्क मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। डंपरों और पोकलैंड मशीनों के शोर से ग्रामीणों का जीना मुहाल है। ग्रामीणों ने नाम न लेने की शर्त पर बताया कि कई बार पुलिस और प्रशासन को खनन माफियाओं की शिकायत की जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने कोेई कार्रवाई नहीं की।
सलमती गांव में अवैध मिट्टी खुदान होने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। न ही किसी को खनन की अनुमति दी गई है। अगर, मिट्टी का अवैध खुदान हो रहा तो कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अधीनस्थों आदेशित किया जाएगा।
- विनोद कुमार-उपजिलाधिकारी, सितारगंज।
धमकाने में कम नहीं माफिया के गुर्गे
नानकमत्ता। पिछले कई दिनों से ग्रामीणों द्वारा अवैध मिट्टी खुदान का विरोध किया जा रहा है। यहां तक कि कंपनी पर इसी गांव से अवैध मिट्टी खुदान के मामले में लाखों रुपए का जुर्माना भी प्रशासन ने डाला है। बावजूद इसके माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर मीडियाकर्मी जब कवरेज करने गए तो माफिया के गुर्गों ने दोबारा इधर न आने की धमकी दी। उनका कहना था कि उनकी पुलिस से सांठगांठ है, उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।