काशीपुर। पीसीबी से अनुमति लिए बिना चल रहे जिले के 13 होटल बंद किए जाएंगे। पीसीबी ने इसकी संस्तुति मुख्यालय भेज दी है। बंदी का आदेश मिलते ही पीसीबी इन होटलों को बंद कराने की कार्रवाई शुरू करेगा।
दरअसल, होटल व्यवसाय करने के लिए उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) से अनुमति लेना अनिवार्य है। साथ ही सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना भी जरूरी है। जिले में चल रहे अधिकतर होटल स्वामियों ने पीसीबी में आवेदन कर अनुमति ले ली है लेकिन 13 होटल स्वामियों ने अब तक अनुमति नहीं ली है। अब पीसीबी ने इन होटलों का निरीक्षण कर इन्हें बंद करने की संस्तुति मुख्यालय को भेज दी है। इनमें 10 होटल रुद्रपुर, दो सितारगंज और एक होटल काशीपुर का है।
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अनुराग नेगी ने बताया कि होटलों को तीन वर्गों में बांटा गया है। 20 से कम कमरों के होटलों को ग्रीन, 20 से 100 तक के कमरों के होटलों को ऑरेंज और 100 से अधिक कमरे वाले होटलों को रेड श्रेणी में रखा गया है। इन्हीं श्रेणी के हिसाब से पीसीबी होटलों को अनुमति प्रदान करती है, लेकिन जिले के 13 होटलों को छह महीने पहले चेतावनी नोटिस देने के बावजूद उन्होंने पीसीबी में अनुमति के लिए आवेदन नहीं किया। इनका बाद में टीम की ओर से निरीक्षण किया गया। नेगी ने बताया कि वर्तमान में होटलों को आवेदन के लिए फीस भी माफ है। जिन होटलों ने अनुमति नहीं ली है उन्हें बंद करने की संस्तुति मुख्यालय को भेजी गई है। आदेश आने के बाद इन होटलों को बंद कराया जाएगा।