रुद्रपुर। ओवरलोडिंग के मामले में लगातार हो रही कार्रवाई के बाद भी पूरी तरह से नकेल नहीं कस पा रही है। हर महीने ओवरलोडिंग के सैकड़ों मामले सामने आ रहे हैं।
ओवरलोडिंग वाहन दुर्घटना के प्रमुख कारणों में से एक है। भार वाहनों के साथ ही यात्री वाहनों में भी ओवरलोडिंग की जा रही है। इसकी तस्दीक परिवहन विभाग के ही आंकड़े कर रहे हैं। परिवहन विभाग के उप संभाग में बीते मई में मालवाहक वाहनों में ओवरलोडिंग के 166 मामले पकड़ में आए थे। यात्री वाहनों में 102 ओवरलोडिंग के मामले पकड़े गए थे। उससे पहले अप्रैल में मालवाहक वाहनों में ओवरलोडिंग के 137 और यात्री वाहनों में 120 मामले पकड़े गए थे।
हर साल सामने आ रहे हजारों मामले
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में इस उप संभाग में ओवरलोडिंग के हजारों मामले सामने आ रहे हैं। बीते वित्तीय वर्ष में परिवहन विभाग ने मालवाहक वाहनों में 1509 ओवरलोडिंग के मामले पकड़े थे। यात्री वाहनों में 1324 मामले पकड़ में आए थे। उससे पहले वर्ष 2024-25 में मालवाहक वाहनों में ओवरलोडिंग के 1044 मामले और यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग के 1560 पकड़े गए थे। वर्तमान वित्तीय वर्ष के दो महीनों में मई तक मालवाहक और यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग के 525 मामले पकड़ में आ चुके हैं। संवाद
कोट
ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। ओवरलोड वाहनों को सीज कर नियमानुसार जुर्माना लगाया जा रहा है। ओवरलोडिंग के खतरों के प्रति वाहन चालकों को जागरूक भी किया जा रहा है। - नवीन सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन रुद्रपुर