नवरात्र की नवमी को मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मां दुर्गा की नवीं शक्ति सिद्घिदात्री की पूजा अर्चना की गई। शहर के शिवशक्ति मंदिर सहित मां अटरिया देवी मंदिर आदि में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। लोगों ने सूजी का हलवा, चने का प्रसाद मां के चरणों में अर्पित किया। अटरिया देवी मंदिर में नवरात्रि के अंतिम दिन बड़ी संख्या में बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया गया।
उधर देवी मां के व्रत रखे श्रद्धालुुुओं ने कंजक पूजन के साथ ही अपने व्रत भी तोड़े। इस दौरान शहर और आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया। कंजक पूजने के लिए बच्चियों की टोलियां भी गली मोहल्लों में घूमती दिखाई दीं। कई श्रद्धालुओं ने शहर के पांच मंदिरों में पहुंचकर कंजक पूजन किया। जबकि अधिकांश लोगों ने अपने घरों में ही कन्याएं जिमाई और देवी मां का आशीर्वाद लिया। शहर के आवास विकास, रम्पुरा, ट्रांजिट कैंप, भदइपुरा, भूरारानी, एलायंस, मेट्रो सिटी, ओमैक्स सहित कई कालोनियों में देवी मां के जागरण की भी धूम रही है। इस दौरान कई लोगों ने रामनवमी के पर्व पर अपने नए मकानों में गृह प्रवेश भी किया। बाजारों में खरीदारी भी जमकर हुई।
सामाजिक सौहार्द की मिसाल बने हैं मो. अली
रुद्रपुर। जहां आजकल कुछ लोग जाति धर्म के नाम पर लोगों में अशांति का वातावरण पैैदा करते हैं वहीं कुछ लोग धार्मिक सौहार्द भी बनाए हुए हैं। मां अटरिया देवी मंदिर में पिछले चालीस सालों से बच्चों का मुंडन करने वाले सिसई निवासी मो. अली इसकी जीती जागती मिसाल हैं। अली बताते हैं कि अटरिया देवी मंदिर में जब भी मेला लगता है वह यहां आकर बच्चों का मुंडन संस्कार करते हैं। इस काम से उन्हें बड़ा शुकून और अच्छी आमदनी भी अर्जित होती है।