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2012 से ही शुरू हो गया था एनएच घोटाला

Sun, 26 Mar 2017 01:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर।
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रुद्रपुर में रुका एनएच निर्माण कार्य - फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। एनएच चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में हुए जिस घोटाले की जांच में कई बड़े अधिकारियों की गर्दन फंसती नजर आ रही है, उस एनएच चौड़ीकरण में मुआवजे का खेल वर्ष 2012 से ही शुरू हो गया था। इसमें कई अधिकारियों ने बड़ा खेल खेला और करोड़ों के वारे न्यारे कर डाले। मुआवजे के नाम पर सरकारी खजाने की लूट के खेल में राजपत्रित अधिकारी से लेकर पीसीएस अधिकारी भी पीछे नहीं रहे।
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इस मामले में पटवारी से लेकर एसडीएम तक ने कागजों में हेराफेरी करके ऐसा ताना बाना बुना कि इसकी भनक तक नहीं लग पायी। मामले में जब हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई तो उसके बाद कमिश्नर ने गहराई तक जाने के लिए फाइलों को टटोलना शुरू किया।

कमिश्नर ने कई दिनों की जांच के बाद पिछले दिनों खुद इस बात को स्वीकार किया कि मुआवजे के नाम पर सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया है। घोटाले की जांच में वर्तमान एसएलओ डीपी सिंह सहित सात एसएलओ निशाने पर हैं। पटवारी से लेकर कई एसडीएम के खिलाफ भी जांच जारी है। 
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रुद्रपुर। एएनएच 74 के घोटाले में सबसे बड़ा खेल जसपुर, बाजपुर, गदरपुर तहसीलों में खेला गया। जांच रिपोर्ट में इनकी परतें जब खुली तो पुलिस प्रशासन की एसआईटी टीम ने भी गदरपुर और बाजपुर तहसीलों के रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया, जबकि जिले की सभी तहसीलों का रिकॉर्ड कुमाऊं कमिश्नर डी सैंथिल पांडियन के आदेश पर कोषागार के डबल लॉक में बंद कर दिया गया। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जमीनों के खेल में पटवारी से लेकर राजपत्रित अधिकारी, एसडीएम ने खेल खेला। कृषि भूमि को अकृषि भूमि दिखाने के लिए किया गया हेरफेर भी अधिकारियों के फंसने की वजह बना। 
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अब तक तैनात रहे विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी
नाम                             कब से                     कब तक
अशोक कुमार जोशी         13.062012              22.10.2013 
शिवचरण द्विवेदी            23.10.2013             02.01.2014
मो. नासिर                   02.01.2014             18.01.2014     
चंद्र सिंह मर्तोलिया          19.01.2014             13.07.2014     
तीरथ पाल                  14.07.2014             22.08.2014
इला गिरी                    23.08.2014             25.11.2014
चंद्र सिंह मर्तोलिया          09.12.2014             08.01.2015
अनिल कुमार शुक्ला       09.01.2015             17.01.2016
डॉ. डीपी सिंह             18.01.2016             वर्तमान तक
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