चार साल से सीटीओ की अनुमति के बिना चल रही एएनजी फैक्ट्री पर पीसीबी की गाज गिरी है। एसडीएम ने पीसीबी के आरओ के साथ सिडकुल पहुंचकर नियम व आदेशों को ताक पर रखकर चलने वाली फैक्ट्री को सीज कर दिया। साथ ही फैक्ट्री का बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया। इससे फैक्ट्री प्रबंधन व वर्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
बीती 21 जनवरी को एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के सदस्य ओम श्रीवास्तव ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केजीसीसीआई और एसएसआईडब्ल्यूए के उद्योगपतियों के साथ बैठक कर सभी फैक्ट्रियों को (कॉमन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) सीईटीपी से जोडने के सख्त आदेश दिए थे और एसडीएम की अध्यक्षता में मेंटीनेंस बोर्ड का गठन कर सीईटीपी से न जुड़ने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था।
बुधवार को एसडीएम एपी बाजपेयी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ सोमपाल सिंह के साथ सिडकुल की एएनजी कंपनी को सीज कर दिया। पीसीबी के आरओ सिंह ने बताया कि कंपनी द्वारा गत 2011 से कन्संट टू ऑपरेट (सीटीओ) के लिए आवेदन नहीं किया है और न ही फैक्ट्री सीईटीपी से जुड़ी है। इस संबंध में कंपनी को कई बार एनओसी के लिए नोटिस जारी किए गए।
कहा कि बीती 29 जनवरी को मेंटीनेंस बोर्ड के निरीक्षण में 15 फैक्ट्रियों में ये फैक्ट्री भी गंदा पानी नाले में छोड़ते मिली थी। सीईटीपी से जुड़ने के आदेश के बाद भी कंपनियां सीईटीपी से नहीं जुड़ रही हैं। जिसकी रिपोर्ट एनजीटी को भेजी थी। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश पर आज कंपनी को सीज किया गया है। एनजीटी की अनुमति के बाद अगली कार्रवाई होगी।