अनाज मंडी में सरकारी धान खरीद की व्यवस्था बेहाल है। खाद्य विभाग के समय पर खरीद योजना न बनाने से किसान अपनी फसल को लेकर चिंतित हैं। कई किसान पिछले 10 से 15 दिन से मंडी में पड़े धान की रखवाली करने के लिए मजबूर हैं।
मंडी में धान खरीद के लिए चार केंद्र बनाए गए हैं। इनमें दो खाद्य व सहकारिता आपूर्ति विभाग के हैं। अन्य दो केंद्र सहकारी समितियों के हैं। इन केंद्रों पर अब तक बहुत कम धान की तौल हुई है। सहकारिता केंद्र पर मात्र 758 क्विंटल धान खरीदा गया है। वहीं, सहकारी समिति के केंद्र पर मात्र 406 क्विंटल धान की तौल हुई है। पूरी मंडी में जगह-जगह धान के ढेर लगे हुए हैं।
राज्य विपणन निरीक्षक कौशल कुमार ने बताया कि धान लेने वाली चावल मिलों का पंजीकरण अभी तक नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण होने के बाद ही पोर्टल खुल पाएगा। किसान 10 से 15 दिन से मंडी में धान की रखवाली कर रहे हैं। उन्हें घरों से रोटी मंगानी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि आसमान में बादल छाते ही उनकी सांस अटक जाती है। किसानों ने सरकार से धान खरीद तुरंत शुरू कराने की मांग की है। संवाद
बोले किसान
तहसील मुख्यालय पर आज 11 बजे से शुरू होगा बेमियादी धरना
धान खरीद में आ रहे गतिरोध पर चर्चा
रुद्रपुर मंडी परिषद में उत्तराखंड राइस मिलर संगठन ने अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू से मुलाकात की। इस बैठक में मेयर विकास शर्मा भी उपस्थित थे। संगठन ने धान खरीद में आ रहे गतिरोध पर चर्चा की। मंडी परिषद अध्यक्ष डॉ अनिल कपूर ने संगठन को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सभी मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ 16 अक्तूबर को इस संदर्भ में विचार-विमर्श होगा। डॉ. अनिल कपूर ने राइस मिलों से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए तुरंत धान खरीद शुरू करने का आग्रह किया। इस पर राइस मिलर संगठन के अध्यक्ष सत्यवान गर्ग ने सहमति जताई।