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सरकारी धान खरीद में लापरवाही: किच्छा मंडी में बेहाल व्यवस्था, किसान अपनी फसल को लेकर चिंतित

Tue, 13 Oct 2026 10:31 PM IST
Heera सुरेंद्र खुराना

सार

अनाज मंडी में सरकारी धान खरीद की व्यवस्था बेहाल है। खाद्य विभाग के समय पर खरीद योजना न बनाने से किसान चिंतित हैं और कई किसान 10 से 15 दिन से मंडी में पड़े धान की रखवाली करने को मजबूर हैं। 
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किच्छा मंडी में किसानों का फैला हुआ धान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अनाज मंडी में सरकारी धान खरीद की व्यवस्था बेहाल है। खाद्य विभाग के समय पर खरीद योजना न बनाने से किसान अपनी फसल को लेकर चिंतित हैं। कई किसान पिछले 10 से 15 दिन से मंडी में पड़े धान की रखवाली करने के लिए मजबूर हैं।

मंडी में धान खरीद के लिए चार केंद्र बनाए गए हैं। इनमें दो खाद्य व सहकारिता आपूर्ति विभाग के हैं। अन्य दो केंद्र सहकारी समितियों के हैं। इन केंद्रों पर अब तक बहुत कम धान की तौल हुई है। सहकारिता केंद्र पर मात्र 758 क्विंटल धान खरीदा गया है। वहीं, सहकारी समिति के केंद्र पर मात्र 406 क्विंटल धान की तौल हुई है। पूरी मंडी में जगह-जगह धान के ढेर लगे हुए हैं।

राज्य विपणन निरीक्षक कौशल कुमार ने बताया कि धान लेने वाली चावल मिलों का पंजीकरण अभी तक नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण होने के बाद ही पोर्टल खुल पाएगा। किसान 10 से 15 दिन से मंडी में धान की रखवाली कर रहे हैं। उन्हें घरों से रोटी मंगानी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि आसमान में बादल छाते ही उनकी सांस अटक जाती है। किसानों ने सरकार से धान खरीद तुरंत शुरू कराने की मांग की है। संवाद

बोले किसान

  1. ग्राम पटेरी निवासी हृदयेश कुमार ने बताया कि उनका मंडी में लगभग 350 क्विंटल धान फैला पड़ा है। डर लगता है कि अब बारिश हो गई तो उनकी साल भर की कमाई पानी में बह जाएगी।
  2. अंजनिया निवासी सतपाल सिंह ने बताया कि 200 क्विंटल धान लेकर 28 सितंबर को मंडी आए थे। बताया कि तब से मंडी में पड़े हुए हैं न कोई नेता सुनने आ रहा है और ना ही कोई अधिकारी सुन रहा है।
  3. मलपुरा निवासी शकील अहमद 50 क्विंटल धान लाए हैं। बताया कि सुबह ही धान खरीदने काे मंडी में दलाल आ जाते हैं जो किसान थक हार चुका होता है उससे औने-पौने दामों पर धान खरीद लेते हैं। कोई कहीं सुनवाई नही होती।
  4. मलपुरा के मोहम्मद अहमद और मोहम्मद सादिक भी अपना धान लेकर मंडी में एक पखवाड़े से रह रहे हैं लेकिन इनकी खरीद नही हो रही। किसानों का यह भी कहना है कि दशहरे का पर्व आने वाला है तब बहाना बनेगा कि जगह नही है। उनकी मांग है कि जल्द धान खरीद शुरू की जाए।

तहसील मुख्यालय पर आज 11 बजे से शुरू होगा बेमियादी धरना

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गदरपुर में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजा घोषित न होने से तहसील मुख्यालय पर बुधवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र पाल सिंह ने क्षेत्र के सभी किसानों से बुधवार सुबह 11 बजे तहसील मुख्यालय पहुंचने की अपील की है। उनका कहा कि ओलावृष्टि से गदरपुर क्षेत्र में कई गांव में किसानों की लाखों रुपये की धान की फसल बर्बाद हो गई है लेकिन प्रशासन अभी तक मुआवजा घोषित नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा किसानों को समुचित मुआवजा न देकर नाम मात्र की राशि देने का है जिसके विरोध में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस दौरान शैलेंद्र शर्मा, बलराज सिंह राज, गुरविंदर सिंह विर्क, शराफत अली मंसूरी, राजेश बाबा इंद्रपाल सिंह संधू आदि थे। 

धान खरीद में आ रहे गतिरोध पर चर्चा
रुद्रपुर मंडी परिषद में उत्तराखंड राइस मिलर संगठन ने अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू से मुलाकात की। इस बैठक में मेयर विकास शर्मा भी उपस्थित थे। संगठन ने धान खरीद में आ रहे गतिरोध पर चर्चा की। मंडी परिषद अध्यक्ष डॉ अनिल कपूर ने संगठन को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सभी मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ 16 अक्तूबर को इस संदर्भ में विचार-विमर्श होगा। डॉ. अनिल कपूर ने राइस मिलों से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए तुरंत धान खरीद शुरू करने का आग्रह किया। इस पर राइस मिलर संगठन के अध्यक्ष सत्यवान गर्ग ने सहमति जताई। 

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