एनएच भूमि मुआवजा घोटाले में जांच कर रही एसआईटी को अब तमाम पूछताछ के बाद दस्तावेजों की जरूरत पड़ रही है। इसके लिए एसआईटी ने डीएम के माध्यम से शासन से अनुमति की मांग उठाई है। इधर, इस मामले में डीएम ऊधमसिंह नगर ने भी कोषागार के डबल लॉक में बंद रिकार्ड को एसआईटी को उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर से पत्राचार शुरू कर दिया है।
डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि जब तक सीबीआई एनएच भूमि मुआवजा घोटाले की जांच शुरू करेगी तब तक इस घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी को अब तमाम पूछताछ के बाद डबल लॉक में बंद रिकार्ड की जरूरत पड़ रही है। पूछताछ के आधार पर जो भी बातें अब तक आई हैं उनके मुताबिक एसआईटी को अब डबल लॉक में बंद रिकार्ड की सख्त जरूरत महसूस हो रही है। डीएम ने कहा कि उन्होंने अपने स्तर से शासन से डबल लॉक में बंद रिकार्ड को एसआईटी को उपलब्ध कराने के लिए अनुमति मांगी है। बता दें कि एसआईटी पिछले पांच दिनों में तीन पीसीएस अधिकारियों सहित अब तक 60 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है, इसमें कुछ किसानों से भी पूछताछ की गई है।
उधर जिस तेजी के साथ एसआईटी ने एनएच भूमि मुआवजे के इस महाघोटाले की जांच तेज कर दी है वहीं अब इस जांच के घेरे में जो भी अधिकारी आ रहे हैं उनमें भी बेचैनी बढ़ गई है। उधर एसआईटी की जांच में एक नया मोड़ और सामने आ गया है, इसमें वर्तमान में नैनीताल जनपद में तैनात एक नायब तहसीलदार मोहन सिंह से भी एसआईटी ने पिछले दिनों पूछताछ की है। इसमें एसएसपी डा. सदानंद दाते ने बताया कि एनएच घोटाले के मामले में कुछ सूत्रधार लोग भी सामने आने लगे हैं। नायब तहसीलदार मोहन सिंह से की गई पूछताछ के बाद अब रिकार्ड की जरूरत पड़ने लगी है, इसलिए शासन से डबल लॉक में बंद रिकार्ड के लिए अनुमति की मांग की है।