निजी स्कूलों पर मनमानी करने का आरोप लगाने वाली धार्मिक और सामाजिक उत्थान समिति के लोगों ने शनिवार को फिर एसडीएम दफ्तर पर प्रदर्शन किया। उन्होंने स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग का ज्ञापन जिलाधिकारी को भेजा। आरोप लगाया कि स्कूलों में विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की किताबें नहीं पढ़ाई जा रही हैं।
शनिवार को समिति संयोजक हरीश दूबे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम दफ्तर पर प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी भगत सिंह फोनिया के माध्यम से जिलाधिकारी डा. पंकज पांडेय को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में आरोप है कि निजी स्कूलों द्वारा महंगे प्रकाशकों की किताबें मंगाई जाती है। अभिभावकों को उनके द्वारा बताई दुकानों से ड्रेस खरीदनी पड़ती है। खेल, कंप्यूटर शिक्षा, ट्रांसपोर्ट आदि के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। लेट फीस के नाम पर चक्रवृद्धि ब्याज भी लिया जाता है। आरोप लगाया कि स्कूलों की मनमानी का अभिभावकों द्वारा विरोध करने पर उनके बच्चों को स्कूल में प्रताड़ित किया जाता है। स्कूलों की मनमानी के कारण अभिभावक मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं। कहा कि स्कूलों की मनमानी नहीं रोकी गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर राजू हरियाणवी, दीपक चौहान, शिशुवेंद्र सिंह, कमल कुमार, संदीप बाबा, विक्की गुप्ता, संजय सिंह, विजय सिंह, महेश दायमा, आनंद बोरा, रामचंद्र श्रीवास्तव आदि थे।