मिशन आक्रोश के तहत पुलिस कर्मियों को गुमराह कर उकसाने वाले आईआरबी द्वितीय के बर्खास्त कर्मी की गिरफ्तारी एक सप्ताह बाद भी नहीं हो पाई है। इसे देखते हुए एएसपी ने आईओ को जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर न्यायालय से एनबीडब्ल्यू (गैर जमानती वारंट) हासिल करने के निर्देश दिए हैं।
वेतन विसंगति को लेकर सोशल मीडिया में पुलिस कर्मियों ने 16 अगस्त को बांहों में काली पट्टी बांधने की चेतावनी दी थी। हालांकि ऊधमसिंह नगर में इसका ज्यादा असर नहीं दिखाई दिया, कुछ कांस्टेबल ही बांहों में काली पट्टी बांधे नजर आए। उनकी पहचान नहीं हो पाई थी। बाद में पुलिस मुख्यालय से आदेश पर अज्ञात पुलिस और पीएसी कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। यही नहीं पुलिस कर्मियों को उकसाने वाले लोगों को चिन्हित करने के दौरान आईआरबी द्वितीय हरिद्वार में तैनात रुद्रपुर निवासी लाल सिंह को बर्खास्त कर दिया गया था। साथ ही सिडकुल चौकी में उसके खिलाफ पुलिस विद्रोह अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। इधर करीब एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन लाल सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई। इसे देखते हुए एएसपी टीडी वैला ने बुधवार को आईओ राजन लाल को बुलवाकर लाल सिंह के खिलाफ न्यायालय से एनबीडब्ल्यू प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।