‘जो जमीन सरकारी वह जमीन हमारी है’ का खेल रुद्रपुर शहर और आसपास के क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा है। शहर की सिंह कालोनी से सटे करीब तीन करोड़ की नजूल भूमि पर भूमाफिया ने अवैध रूप से कुछ दुकानों का निर्माण कर दिया है।
सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का यह खुला खेल जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के नाक के नीचे हो रहा है। बृहस्पतिवार को इसी अवैध निर्माण को लेकर दो पक्षों में टकराव की स्थिति भी पैदा हो गई थी।
सिंह कालोनी जगतपुरा और भूरारानी ग्राम सभा के अंतर्गत आती है। दोनों ग्राम प्रधानों के विरोध के बाद भी निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। करीब एक सप्ताह से यह निर्माण कार्य चल रहा है।
हालांकि कुछ दिन पहले इस मामले को लेकर मेयर सोनी कोली ने जिलाधिकारी डा. पंकज कुमार पांडेय को भी ज्ञापन दिया था, लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई न होते देख माफिया के हौसले बुलंद हो गए हैं।
लोगों का कहना है कि यह अवैध दुकानें जो लोग बना रहे हैं वह जब भी विरोध करते तो अपने कुछ दबंग लोगों की मदद से उन्हें डरा धमकाकर भगा देते हैं।
खास बात यह है कि यह निर्माण एक नाले को पाटकर किया जा रहा है। उक्त नाले पर आदर्श इंदिरा कालोनी और इंदिरा कालोनी का पानी आता है, अब इसे पाट दिया है तो यहां नाले की गंदगी और कबाड़ की निकासी भी बंद हो जाएगी जो कि आसपास के कालोनी वालों के लिए भी भविष्य में खतरा बन जाएगा।
जगतपुरा के ग्राम प्रधान सुखलाल सिंह और रंपुरा पार्ट के प्रधान मनमोहन सिंह का कहना है कि कई बार अवैध निर्माण को लेकर आवाज उठाई गई है लेकिन प्रशासनिक अधिकारी इस दिशा में मुंह फेरे हुए हैं। मनमोहन सिंह का कहना है कि जब वह मुंह खोलते हैं तो उन्हें डरा धमका दिया जाता है।
कुछ लोगों का कहना है कि जिस सरकारी जमीन और नाले के ऊपर दुकानें बनाई जा रही हैं उनकी एक दुकान की कीमत बीख लाख रुपये तय की गई है। बताया जाता है कि जो लोग अवैध दुकानों का निर्माण कर रहे हैं उन्होंने कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सांठगांठ करके कुछ कागजात भी तैयार कर लिए हैं। इसमें कुछ सफेदपोश नेताओं का भी हाथ है।
मुख्य नगर अधिकारी दीप्ति वैश्य कहती हैं कि उनके संज्ञान में यह मामला आज ही आया है, अखबारों में सुबह खबर छपने के बाद मैंने तहसीलदार और नगर निगम के जेई को उक्त निर्माण तत्काल रुकवाने को कहा है। जमीन की पैमाइश भी कराई जाएगी। अवैध निर्माण को पुलिस फोर्स की मदद से ढहा दिया जाएगा।