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नैय्या पुल नहीं लगा पा रहा लोगों की नैय्या पार

Mon, 04 Dec 2017 12:34 AM IST
भूपेश चंद्रा सुल्तानपुर पट्टी।
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सुल्तापुर पुट्टी में पुल के दोनों ओर क्षतिग्रस्त दीवारें। - फोटो : Amar Ujala
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अंग्रेजों के जमाने का सुल्तानपुर पट्टी का नैय्या पुल लोगों की नैय्या पार लगाने में सक्षम नहीं रह गया है। सिंगल पुल होने के कारण और दोनों ओर की सुरक्षा दीवार टूटने से इस पुल पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस पुल पर रोजाना लोगों को पांच-पांच किलोमीटर का लंबा जाम जरूर झेलना पड़ता है। करीब एक साल पहले शुरू हुए नए पुल का काम इतना सुस्त है कि अब तक तीन स्तंभों में से एक ही पूरा बन सका है।
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बाजपुर रोड स्थित नैय्या पुल पर रोजाना कई घंटों का जाम लगना अब आम बात हो गई है। सौ साल पहले बने अंग्रेजों के जमाने का यह पुल इतना जर्जर अवस्था में पहुंच गया है कि इस पुल पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पुल की दोनों ओर की सुरक्षा दीवार न जाने कब की टूट चुकी हैं। सिंगल पुल होने के चलते एक बार में इस पुल से एक ही वाहन गुजर सकता है।

ऐसे में पहले वाहन निकालने के चक्कर में कई बार इस पुल के दोनों ओर चार से पांच किलोमीटर का लंबा जाम लग जाता है। इतना ही नहीं जाम खुलवाने में पुलिस को भी करीब दो से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। बता दें कि यह पुल खटीमा से देहरादून को जोड़ने का काम करता है। देहरादून जाने वाले वाहनों को इस पुल से गुजरना पड़ता है। पुल की जर्जर हालत देखते हुए सरकार ने करीब दो साल पहले नया पुल बनाने की स्वीकृति दी थी। पुल स्वीकृत होने के बाद टेंडर हो गए। बताया जाता है कि कार्यदायी संस्था ने लभगभ 573.69 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल का काम एक अक्तूबर 2016 से शुरू कर दिया।
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लेकिन इसका काम इतनी सुस्ती से हो रहा है कि एक साल बीतने के बाद भी तीन स्तंभों में से अब तक एक ही स्तंभ तैयार हो सका है। बताया जाता है कि नए पुल को 30 नवंबर 2017 तक बनकर तैयार करने की समयावधि रखी गई थी, लेकिन अभी तक पुल तैयार नहीं हुआ है। 
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