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आईएएस पंकज पांडेय के खिलाफ अभियोजन चलाने की शासन से अनुमति

Thu, 18 Oct 2018 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो        रुद्रपुर।
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नेशनल हाईवे - फोटो : अमर उजाला
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में शासन ने निलंबित आईएएस डॉ. पंकज पांडेय के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति दे दी है। 12 सितंबर को एसआईटी ने पांडेय  के खिलाफ अनुमति लेने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर शासन ने पांडेय के साथ ही चंद्रेश यादव के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की थी। एसआईटी के अनुसार अब डीओपीटी पंकज पांडेय के अभियोजन आदेश पर अंतिम निर्णय लेगा।  
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घोटाले में आईएएस पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव के खिलाफ अनियमितता के साक्ष्य मिलने के बाद एसआईटी ने जुलाई में जांच रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। रिपोर्ट के आधार पर अगस्त प्रथम सप्ताह में एसआईटी को दोनों अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति मिली। 12 अगस्त को एसआईटी ने दोनों अधिकारियों से पूछताछ कर शासन को रिपोर्ट भेजी।

रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद शासन ने 11 सितंबर को दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इसके बाद एसआईटी ने 12 सितंबर को पांडेय के खिलाफ अभियोजन अनुमति लेने के लिए शासन को पत्र भेजा। जिस पर बुधवार को शासन ने अपना निर्णय देते हुए अभियोजन चलाने की अनुमति देकर रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को प्रेषित की है।
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अब डीओपीटी अभियोजन अनुमति पर अपना अंतिम निर्णय देगा। इधर, हाईकोर्ट ने 30 अक्तूबर तक पंकज पांडेय की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अंतरिम जमानत के लिए अधीनस्थ न्यायालय में जमानत पत्र प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि डीओपीटी से अनुमति पर मोहर लगने के बाद एसआईटी पंकज पांडे के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर सकती है।  

एसआईटी ने आईएएस पंकज पांडेय के खिलाफ अभियोजन अनुमति के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। शासन ने अभियोजन चलाने की अनुमति दे दी है। अब अभियोजन अनुमति पर डीओपीटी अंतिम निर्णय लेगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- कृष्ण कुमार वीके, एसएसपी यूएसनगर।  

पांडेय पर लगे आरोप  
पांडेय पर एसआईटी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के साथ ही सरकार की वित्तीय प्रक्रियाओं, शासनादेशों और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन और सरकारी भूमि को निजी स्वामित्व की भूमि दिखाने और अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई न करते हुए उन्हें लाभार्थी बनाकर करोड़ों का मुआवजा भुगतान करने के आरोप लगाए गए हैं। 
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