गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण के बाद तिरंगा हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर जल गया। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह खुद को बचाया, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। इसके बाद ध्वज कमेटी ने तत्काल तिरंगा उतार कर रख दिया।
नगर के सुभाष चौक पर 20 फुट चौड़ा और 30 फुट लंबा तिरंगा फहराने की एक सप्ताह से तैयारियां चल रही थीं। कोर कमेटी के सदस्यों ने हल्द्वानी से क्रेन मंगवाकर तिरंगे के पोल का रंग रोगन करने के बाद ऊपर गरारी में नया तार डाला था।
शनिवार को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रकाश चंद ध्वजारोहण कर चले गए थे। बताया गया कि डोरी छोटी होने से तिरंगे कुछ नीचे रह गया था। मुख्य अतिथि के जाने के बाद कोर कमेटी के सदस्यों ने तिरंगे को ऊपर करने के लिए तार में तार जोड़ दिए।
इसी समय तेज हवा में तिरंगा पास से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज की लाइन से छू गया और धमाके के साथ बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बाद में देखा तो तिरंगे में छेद हो गया था। इसके बाद कोर कमेटी के सदस्यों ने ध्वज को उतार दिया और बताया कि अब नया तिरंगा मंगवाकर ध्वजारोहण किया जाएगा।