कुमाऊं भर में नशे, हत्या आदि अपराधों के खुलासे के लिए जमा किए जाने वाले विसरा, नारकोटिक्स के सैंपलों की जांच अब रुद्रपुर स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफसीएल) में की जाएगी। यह लैब इसी साल 17 जनवरी को किच्छा रोड में बनी है। प्रयोगशाला के निदेशक, पीएसी के आईजी अमित सिन्हा ने शुक्रवार को लैब का निरीक्षण किया। उन्होेंने 90 दिन के भीतर नारकोटिक्स केस की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश लैब अधिकारियों को दिए हैं।
सिन्हा ने नारकोटिक लैब, विष अनुभाग, पॉस्कोलॉजिक लैब का निरीक्षण करने के बाद सिन्हा ने लैब के संयुक्त निदेशक डॉ. दयाल शरण को 90 दिन के भीतर नारकोटिक केश की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही लैब की चहारदीवारी, गारद रूम, जनरेटर हट का निर्माण जल्द से करने के निर्देश भी उनके द्वारा कॉन्ट्रेक्टर को दिए गए। डॉ. दयाल शरण ने बताया कि कुमाऊं के प्रत्येक जिले से आने वाले सैंपलों की जांच उक्त लैब में की जाएगी। अब तक लैब में कुमाऊंभर से 11 एनडीपीएस, 21 विसरा के सैंपल आए हैं। इसके साथ ही देहरादून एफसीएल से 62 एनडीपीएस, 82 विसरा के केश भी हस्तांतरित किए गए हैं। इसमें से कुल 45 विसरा, 50 एनडीपीएस के केसों का निस्तारण लैब कर्मचारियों द्वारा कर लिया गया है। निरीक्षण के दौरान एएसपी सेंथिल अबुदई, एएसपी देवेंद्र पिंचा, एएसपी मंजूनाथ टीसी आदि थे।