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नाननकमत्ता में प्रेमी युगल ने जहर खाकर जान दी 

Wed, 12 Jun 2019 12:11 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो
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प्रेमी-प्रेमिका के उठाने पहुंची पुलिस। - फोटो : amar ujala
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क्षेत्र की एक छात्रा और युवक ने नानकसागर डैम के पार्क में जहर खाकर जान दे दी। दोनों में प्रेम प्रसंग चल रहा था। चर्चा है कि दोनों के परिजन इस रिश्ते से खुश नहीं थे, जिसके चलते उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। मौके से मिले सुसाइड नोट में दोनों ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है। मृतक छात्रा डिग्री कॉलेज में एमए योग द्वितीय सेमेस्टर में पढ़ाई करती थी, जिसकी सुबह 11 से दो बजे तक परीक्षा थी लेकिन वह परीक्षा में नहीं बैठी। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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पुलिस के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1:15 बजे नानकमत्ता 112 नंबर से सूचना मिली कि एक युवक और युवती ने नानकसागर डैम के पार्क में जहर खा लिया है। इस पर नानकमत्ता एसओ नरेश पाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पार्क में एक पेड़ के नीचे युवक और युवती बेसुध हालत में पड़े मिले। पुलिस ने आननफानन में दोनों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। 

युवती के पास से मिले खटीमा डिग्री कॉलेज के योगा एमए द्वितीय सेमेस्टर के परिचय पत्र से उसकी पहचान मेलाघाट के सिसैया निवासी शशिकांता मौर्या (23) पुत्री अर्जुन मौर्या के रूप में हुई। मृतक युवक की जेब से कोई सामग्री नहीं मिलने पर नाम-पते को लेकर काफी देर तक संशय बना रहा।
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बाद में मृतक छात्रा के भाई के आने पर उसने ही बताया कि मेलाघाट का ही वनमहोलिया निवासी विक्रम उर्फ सोनू (24) पुत्र बसंत है। युवक-युवती में प्रेम प्रसंग चल रहा था। चर्चा है कि दोनों के परिजन इस रिश्ते से खुश नहीं थे, इसी के चलते दोनों ने यह कदम उठाया। सूचना पर दोनों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए थे। दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ था। इस बीच सीओ कमला बिष्ट, खटीमा एसएसआई देवेंद्र गौरदि ने भी अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली। समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं सौंपी गई थी। 

पांच-पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर के थे शशिकांता और विक्रम 
खटीमा। जहर खाकर जान देने वाली छात्रा शशिकांता के भाई गौरव को जब उसकी मौत की सूचना मिली तो वह सबसे पहले सरकारी अस्पताल पहुंचा। उसने बताया कि पांच भाई-बहनों में शशिकांता तीसरे नंबर की थी। मृतक छात्रा की मां फुलझड़ी देवी प्राथमिक स्कूल सिसैया में शिक्षिका है जबकि पिता अर्जुन मौर्या घर से बाहर गए हुए हैं। वहीं, मृतक विक्रम भी पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। मृतक विक्रम ने आठवीं तक पढ़ाई की थी। वह राजमिस्त्री के साथ मेहनत मजदूरी करता था। मृतक के परिजनों ने प्रेम प्रसंग कब से चल रहा था, इसकी जानकारी होने से इनकार किया।

सुसाइड नोट में जताई एकसाथ संस्कार की इच्छा
नानकमत्ता। ‘हमारी मौत के जिम्मेदार हम खुद हैं। इसमें हमारे घर वालों को कोई दोष नहीं है। हमारा मोबाइल और 1520 रुपये घर में दे देना और हमारी डेड बॉडी एक साथ में दफनाना। यही हमारी ख्वाहिश है।’ नानकसागर जलाशय के पार्क में प्रेमी युगल के पास से मिले सुसाइड सुसाइड नोट में दोनों ने अपने हस्ताक्षर करते हुए खुद को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मरने से पहले आखिरी इच्छा के रूप में दोनों को एक साथ दफनाने जिक्र किया। हालांकि, परिजन उनके एक साथ दफनाने के शब्द को संस्कार के रूप में मान रहे हैं। मृतकों के पास से दो मोबाइल फोन, 1520 रुपये, आधा दर्जन पेन व प्रवेश पत्र से भरा एक लेडीज पर्स मिला। एक डायरी में आधे से ज्यादा पन्नों में आई लव यू..., आई मिस यू... लिखा हुआ मिला है, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस को मौके से जहर की दो शीशियां भी मिली हैं, जिनमें से एक खाली और दूसरी सील पैक है। 
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प्यार के आड़े आई शिक्षा और जाति परिजनों की न पर लगा लिया मौत को गले 
वीरेंद्र तिवारी
नानकमत्ता। साथ जी नहीं सकते तो मर तो सकते हैं। इश्क में साथ जीने-मरने की कसम खाने वाले प्रेमी युगल ने परिजनों के उनका प्यार कबूल न करने पर शायद यही सोचकर मौत को गले लगा लिया। चर्चा है कि दोनों के प्यार के आड़े उनकी शिक्षा और जाति आई। प्रेमी मजदूर परिवार से था तो प्रेमिका शिक्षिका की बेटी थी। दोनों के इस आत्मघाती कदम से क्षेत्र के लोग सकते में हैं। 
प्रेमी विक्रम और प्रेमिका शशिकांता के परिवार मूलरूप से पूर्वांचल के रहने वाले हैं। पिछड़ी जाति की शशिकांता की मां फुलझड़ी देवी सिसैया मेलाघाट के प्राथमिक स्कूल में शिक्षिका हैं। पांच बहन भाइयों में तीसरे नंबर की शशिकांता भी पढ़कर लिखकर अपनी मां की तरह शिक्षिका ही बनना थी। वहीं, अनुसूचित जाति का विक्रम सिंह मजदूर परिवार का होने की वजह से आठवीं से ज्यादा नहीं पढ़ पाया। वह दिहाड़ी का काम कर अपने परिवार का हाथ जरूर बंटाता था। दो-तीन साल पहले विक्रम और शशिकांता एक-दूसरे के संपर्क आए और दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ गया।
एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले इस प्रेमी युगल ने जिंदगी साथ जीने के लिए शादी की ठान ली लेकिन जब दोनों के परिवार को उनके प्यार का पता चला तो वह राजी नहीं हुए। मंगलवार को प्रेमिका शशिकांता डिग्री कॉलेज में एमए की परीक्षा देने के बहाने घर से चली आई तो विक्रम भी उससे मिलने के लिए बैराज के पार्क में पहुंच गया। दोनों ही पहले से यह सोचकर निकले थे कि यदि साथ जी नहीं सकते तो मर तो सकते हैं और पार्क में दोनों ने दो शीशी जहर में से एक शीशी खोलकर उसे गटककर जान दे दी। घटना से दोनों परिवारों में मातम पसरा है तो क्षेत्र के लोग सकते में हैं। 
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