नानकमत्ता। करीब साढ़े तीन साल पहले ज्वेलर्स, उनकी मां, नानी और ममेरे भाई की निर्मम हत्या से नानकमत्ता में हड़कंप मच गया था। हत्यारोपियों ने चारों की धारदार हथियारों से हत्या की थी। ब्लाइंड केस के खुलासे के लिए एसटीएफ, एसओजी के साथ ही आसपास के जिलों के तेजतर्रार अधिकारियों ने नानकमत्ता में डेरा डाला और एक सप्ताह के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया।
29 दिसंबर 2021 को ग्राम सिद्धा नवदिया के मोहम्मदगंज के समीप देवहा नदी किनारे दो युवकों की लाश पड़ी देख दहशत फैल गई थी। मृत युवकों की पहचान अजय रस्तोगी उर्फ अंकित (28) पुत्र शिव शंकर रस्तोगी वार्ड नंबर 6 नानकमत्ता और उसके ममेरे भाई उदित रस्तोगी (24) पुत्र अनिल रस्तोगी निवासी थाना शाही जिला बरेली के रूप में हुई। परिजनों से पूछताछ करने जब पुलिस घर पहुंची तो वहां मृतक अजय की मां आशा देवी (60) व रिश्तेदारी में आई नानी सन्नो देवी ( 82) पत्नी हजारीलाल निवासी शाही बरेली की गला कटी हुई लाश पड़ी थी। एक साथ चार हत्याओं की जानकारी आग की तरह आसपास फैल गई जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
मृतक अजय के घर से कुछ दूर अपने पिता के साथ रहने वाले भाई आदेश रस्तोगी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। हत्याकांड के साढ़े तीन साल बाद जिला न्यायालय ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
न्यायालय ने हत्यारोपियों को उनकी करनी की सजा दी
मृतक अजय रस्तोगी उर्फ अंकित के बड़े भाई आदेश रस्तोगी ने हत्यारोपियों को मिली सजा पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि हत्यारोपियों ने उनके भाई, मां के साथ नानी व ममेरे भाई को छीन लिया। उनके कृत्य के लिए उन्हें फांसी की सजा होनी चाहिए।