रुद्रपुर। जिले के खटीमा ब्लाॅक के नगला तराई ग्राम पंचायत को शासन ने संस्कृत गांव घोषित किया गया है। पंचायत के प्रत्येक राजस्व गांव में जाकर लोगों को संस्कृत सिखाई जाएगी। इसके लिए गांव में बाकायदा एक प्रशिक्षक भी तैनात कर दिया गया है, जो घर-घर जाकर लोगों को संस्कृत पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। गांव के जितने लोग पढ़ने के लिए तैयार होंगे, उतने लोगों को एकत्र कर संस्कृत की कक्षा चलाई जाएगी। शासन ने कक्षा तीन के बाद संस्कृत को अनिवार्य कर दिया है। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी संस्कृत की कक्षा चलाई जाएंगी। अगर जरूरत पड़ीं तो प्रशिक्षकों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
नगला तराई में लोगों को संस्कृत बोलना और पढ़ना सिखाया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षक तैनात किए गए हैं। - एम मिश्रा, संस्कृत निदेशक।