श्री नानकमत्ता साहिब से चलकर गुरुद्वारा सिंह सभा में पहुंचे विशाल नगर कीर्तन का शुुक्रवार रात संगत की ओर से जोरदार स्वागत किया गया।
पालकी में सुशोभित श्री गुरुग्रंथ साहिब के पत्थर छाप हस्त लिखित स्वरूप के दर्शनों के लिए संगत का हुजूम उमड़ पड़ा।
रात्रि विश्राम के बाद शनिवार की सुबह सजाये गए समागम में रागी जत्थों, कविशरी जत्थों एवं कथा वाचकों ने गुरु की महिमा एवं इतिहास का संगत को बखान किया। कमेटी की ओर से पंज प्यारों, आयोजकों एवं मुख्य सेवादारों को सरोपा भेंटकर सम्मानित किया।
गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की कमेटी ने गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित एक चांदी का सिक्का भी संगत को प्रदान किया गया। वहां नरेंद्र सिंह ग्रोवर, सेवा सिंह, प्रीतम सिंह, हरि सिंह, सादा सिंह, रंजीत सिंह, गुरमुख सिंह, दर्शन सिंह, ज्ञान सिंह, बलजिंदर सिंह, केहर सिंह, रणजीत सिंह, अमरजीत सिंह, जरनैल सिंह लहरी, अवतार सिंह, विनोद भुसरी, डॉ. ओपी खुराना आदि थे।