सितारगंज। नगर पालिका अध्यक्ष हरीश दुबे ने एडीएम पर जांच के नाम पर विकास कार्यों को ठप करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार से पालिका परिसर में कुछ सभासदों और समर्थकों के साथ धरने शुरू कर दिया है। उन्होंने एडीएम के तबादले सहित पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन भी सीएम को भेजा।
मंगलवार को दुबे ने सीएम टीएस रावत को पत्र लिखकर कहा था कि बोर्ड ने दो साल के कार्यकाल में 233 टाइल्स रोड और नालियों के निर्माण कार्यों का प्रस्ताव पारित किया। इनमें अधिकांश कार्य ठेकेदारों ने पूरे भी कर दिए। 25 जून को डीएम ने पालिका के कार्यों की जांच शुरू कराई। जिन ठेकेदारों ने कार्य पूर्ण कर दिए, उनका भुगतान रोक दिया। अधूरे निर्माण कार्य भी रोक दिए गए। भुगतान रोकने से जनहित के कार्य रुके हुए हैं। पिछले पांच महीने में तीन जांच कमेटियां गठित कर दीं लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। आरोप है कि जांच सिर्फ विकास कार्य ठप करने और पालिका के कर्मचारियों को परेशान करने के लिए एडीएम से करवाई जा रही है।
दुबे का कहना है कि शासन ने उनके पत्र पर कोई कार्यवाही नहीं की इसलिए बेमियादी धरना शुरू किया है। उन्होंने सीएम से ठेकेदारों के भुगतान पर लगी रोक हटाने, राजीव गांधी व प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों के निर्माण कार्य पूर्ण कराने को भुगतान करने, चार साल से तैनात एडीएम का तबादला करने, नगरीय क्षेत्र में लोनिवि के पांच साल में किए गए कार्यों व वर्तमान कार्यों की उच्च स्तरीय जांच करने, पालिका के अधिकारी और कर्मचारियों पर जिले के अधिकारियों के हस्तक्षेप आदि पर रोक की मांग की है। कहा कि जरूरत पड़ी तो वह आमरण अनशन भी करेंगे। वहां सभासद पंकज रावत, जहूर इस्लाम, लक्ष्मण सिंह राणा, सचिन गंगवार, यूथ कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष संदीप बावा, मो. हनीफ, मुख्त्यार अहमद, कासिम अली, संतोष दुबे, गंगासागर, रामाशंकर, नाजिम मलिक, नसीम मलिक, सज्जाद हुसैन, रवि सक्सेना, बलविंदर सिंह, सोनू माटा आदि थे।