कांग्रेस पार्षदों ने कहा है कि मेयर ने नगर निगम को लूट खसोट का अड्डा बना दिया है। नियमों को ताक पर रख कर अपने चहेतों को ठेके दिए जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस पार्षदों के क्षेत्र में विकास के नाम पर एक धेला तक नहीं दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को कांग्रेसी पार्षदों ने पत्रकार वार्ता कर मेयर पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि निगम प्रशासन की काहिली के चलते शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।
कांग्रेसी पार्षदों का कहना है कि नगर निगम भ्रष्टाचार और घोटालों का गढ़ बन गया है। निगम बोर्ड की बैठक में कांग्रेसी पार्षद निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने मेयर पर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का ठेका गुपचुप ढंग से कराने का आरोप लगाया।
उनका कहना था कि अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के मकसद से इसकी टेंडर प्रक्रिया तक नहीं अपनाई गई। इतना ही नहीं हाउस टैक्स के नाम पर भी जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन हाउस टैक्स के नाम पर लोगों को लूटने का कुचक्र रच रहा है। उन्होंने मेयर द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच की मांग भी की।
चेतावनी दी कि जब तक भ्रष्टाचार में लिप्त मेयर को बर्खास्त नहीं किया जाता है कांग्रेसी पार्षद भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहेंगे। वहीं पार्षदों ने झील का ठेका भी नियम विरुद्ध दिए जाने का आरोप लगाया। इस मौके पर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष हिमांशु गावा, राकेश वर्मा अक्कू के अलावा पार्षद ललित मिगलानी, सुनील आर्या, सोनू निषाद, सुमित दाबड़ा, ममता नारंग, रामधारी गंगवार, विकास मल्लिक, कालीचरन आदि मौजूद रहे।