विवि के शैक्षणिक कुक्कुट फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि पर जिला प्रशासन ने की कार्रवाई
पंतनगर।
विवि के नगला शैक्षणिक कुक्कुट फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर प्रशासन की टीम ने करीब 5432 मुर्गियों को मारकर दफना दिया है। इससे यह फार्म अब मुर्गी विहीन हो गया है। तीन दिन से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस मामले को लेकर कुछ बताने को तैयार नहीं है।
जीबी पंत विश्वविद्यालय के नगला डेयरी स्थित शैक्षणिक कुक्कुट फार्म में बीते माह करीब 16 हजार मुर्गियां थीं। बीती 13 अगस्त को 150 मुर्गियों के मरने से शुरू हुआ आंकड़ा देखते-देखते 500 मुर्गी प्रतिदिन तक पहुंच गया। मृत मुर्गियों की जांच के लिए नमूने इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट बरेली (आईवीआरआई) भेजे गए, जहां बर्ड फ्लू (एच 5 एन1 एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस) निगेटिव आया। बावजूद इसके मुर्गियों के मरने का सिलसिला नहीं थमा।
इसके बाद नमूने वेटनरी कॉलेज भोपाल भेजे गए, जहां मुर्गियों में बर्ड फ्लू संक्रमण पाया गया। आननफानन एक सितंबर को ऊधम सिंह नगर के चीफ वेटनरी ऑफिसर डाॅ. आशुतोष जोशी के नेतृत्व में टीम ने फार्म में बचीं 5432 मुर्गियों को वैज्ञानिक तरीके से मारकर दफनाया। फार्म के द्वार को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया है।
कोट:
पूर्व में पंंतनगर विवि के शैक्षणिक कुक्कुट फार्म से भेजे सैंपल में आईवीआरआई बरेली की रिपोर्ट बर्ड फ्लू निगेटिव आई थी। फिर भोपाल भेजे गए सैंपल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई। इसके बाद फार्म में 5432 मुर्गियों को मारकर दफना दिया गया है। एहतियातन महामारी के फैले रहने तक फॉर्म को बंद रखने के लिए कहा गया है।
- डॉ. आशुतोष जोशी, चीफ वेटरनरी आफिसर यूएस नगर
फोटो:04 पीएनटी 01ः बैरीकेटिंग लगाकर बंद किया गया विवि का शैक्षणिक कुक्कुट फार्म।
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बॉक्स: नहीं थमा मौत का सिलसिला
पंतनगर। बर्ड फ्लू की आशंका के चलते एहतियातन मुर्गियों को बर्तन की जगह पानी सीधे दिया गया। स्थिति पर नजर रखने के लिए डीन वेटरनरी की अध्यक्षता में कमेटी भी गठित हुई। पर मुर्गियों की मौत का सिलसिला नहीं थमा और अंततः उनमें बर्ड़ फ्लू की पुष्टि हुई।
बॉक्स: एक किमी. क्षेत्र माना जाता है इन्फेक्टेड जोन
पंतनगर। एसडीएम किच्छा गौरव पांडेय ने बताया कि जारी गाइडलाइन के अनुसार बर्ड फ्लू में एक किलोमीटर का क्षेत्र इन्फेक्टेड जोन माना जाता है। जबकि 10 किलोमीटर का क्षेत्र सर्विलांस जोन माना जाता है।
संवाद