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दीपावली पर प्रदेश का सबसे प्रदूषित नगर रहा काशीपुर

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बाजपुर में दीपावली पर आतिशबाजी करती महिलाए। संवाद - फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। दीपावली पर पटाखे और वाहनों के धुएं ने तराई की हवा को जहरीला बना दिया। काशीपुर और रुद्रपुर का एक्यूआई एक दिन पहले से लगभग दोगुना हो गया। चौकाने वाली बात यह रही कि दीपावली पर काशीपुर प्रदेश का सबसे प्रदूषित नगर बनकर उभरा। काशीपुर का एक्यूआई सबसे ज्यादा 249 रहा। देहरादून का 247, ऋषिकेश 236, हरिद्वार 223, काशीपुर 249, रुद्रपुर 240 और हल्द्वानी का एक्यूआई लेवल 227 रहा।
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दोनों ही शहरों का एक्यआई खतरे के स्तर तक पहुंच गया। दीपावली से एक दिन पहले काशीपुर का एक्यूआई 125 व रुद्रपुर का 121 था, जो दीपावली की रात 249 और 240 पहुंच गया। औद्योगिक शहरों का प्रदूषण स्तर मापने के लिए काशीपुर के एलडी भट्ट राजकीय चिकित्सालय और रुपद्रपुर में जिला अस्पताल में यंत्र लगाए गए हैं। मानक के अनुसार शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा माना जाता है जबकि 51 से 100 के बीच एक्यूआई का स्तर संतोषजनक रहता है। 101 से 200 के बीच और 201 से 300 के बीच एक्यूआई का स्तर खराब माना जाता है। 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई गंभीर श्रेणी का माना जाता है। इस बार दीपावली से पहले काशीपुर का एक्यूआई 125 था जबकि रुद्रपुर का एक्यूआई 121 था। दीपावली की रात रुद्रपुर का एक्यूआई बढ़कर 240 पहुंच गया और काशीपुर का 249 पर पहुंच गया। दोनों ही शहरों का प्रदूषण लेवल खतरे को छू गया। ऐसा दीपावली पर चलाए गए बेशुमार पटाखों और सड़कों पर बेतहाशा निकले वाहनों के धुएं की वजह से हुआ। हालांकि बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार एक्यूआई में कुछ सुधार हुआ है। बीते वर्ष दीपावली पर काशीपुर का एक्यूआई 267, 263 रहा था। इस तरह देखें तो काशीपुर के एक्यूआई में 18 व रुद्रपुर के एक्यूआई में 23 नंबर की कमी आई है। दूसरी ओर काशीपुर का पीएम-10, 215 और रुद्रपुर का 124 रहा है।

काशीपुर में आतिशबाजी का नजारा। संवाद- फोटो : KASHIPUR

काशीपुर में ग्रीन पटाखे जलाते युवक। संवाद- फोटो : KASHIPUR

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