जवाहरनगर में की सड़क पर झुंड में घुमते लावारिस पशु।
शांतिपुरी। शहर में कई जगह लावारिस पशु घूमते देखे जा रहे हैं। दरअसल दूध देने और खेतों में काम लेने की क्षमता खत्म होने के कारण लोगों ने इन्हें बोझ समझकर लावारिस छोड़ दिया। अब ये पशु भोजन की तलाश में या तो कूड़ा कचरा खा रहे हैं या फिर खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रहने का ठौर ठिकाना नहीं होने के कारण ये सड़क पर घूमते हैं, जिस कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं।
शांतिपुरी और जवाहरनगर क्षेत्र में लावारिस पशुुओं के आतंक से किसान और ग्रामीण परेशान हैं। पशु खेतों में घुसकर फसल चट कर रहे हैं। गई जगहों पर तो फसलों को बचाने के लिए किसानों को रातभर जागना पड़ रहा है। किसानों ने फसल को महफूज रखने के लिए खेतों के चारों ओर कटीले तार लगाए हैं लेकिन भूख मिटाने के लिए ये पशु कटीले तार को भी तोड़कर खेतों तक पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही सड़कों पर घूम रहे पशु हादसे का कारण भी बन रहे हैं। बीते दिनों किच्छा में हुए अलग-अलग हादसों में दो लोग अपनी जान तक गंवा चुके हैं। लोगों ने शासन-प्रशासन से लावारिस पशुओं को गोशाला में भेजने की मांग की है।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
- लावारिस पशुओं ने खेत में लगी फसल को खा कर नष्ट कर दिया है। रोज लावारिस पशुओं को नगला बाइपास के जंगलों की तरफ खदेड़ा जाता है। लेकिन रात को ये पशु फिर से खेतों में पहुंचकर फसल बर्बाद कर देते हैं। बिशन सिंह मेहरा, जवाहरनगर
- रात भर अपने खेतों की चौकीदारी कर रहे हैं। थोड़े समय के लिए वह आराम करने के लिए घर जाते हैं। सरकार से लावारिस पशुओं के लिए कोई सुरक्षित स्थान चिह्नित करने की मांग है, जिससे किसान की फसल सुरक्षित रहे। - बलवंत सिंह मनराल, ग्राम जवाहरनगर
- बीते कुछ समय से लावारिस पशुओं की तादाद बढ़ रही है। ये पशु झुंड में खेत में पहुंचकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अपने खेत की गन्ने की फसल को बचाने के लिए रात भर चौकीदारी करने के लिए लोग मजबूर हैं। - मनीष धौनी, जवाहरनगर
- गांव में काफी बड़ी संख्या में लावारिश पशु घूम रहे हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। ये पशु हिंसक होकर लोगों पर हमला भी कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि इन पशुओं को यहां से हटाकर गोशाला या अन्य जगहों पर भेजें। - मोहन पांडे, जवाहरनगर