सितारगंज। निजी अस्पताल में ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) में फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये हड़पने के आरोप में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दो डॉक्टरों के खिलाफ सितारगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की है।
डॉ. आरिफ खान ने बताया कि वह डॉक्टर हैं। उनका सितारंगज में प्रयास हास्पिटल व रिसर्च सेंटर है। बताया कि एक सितंबर 2023 को बिगवारा, रुद्रपुर निवासी डॉ. अतुल पांडे और डॉ. रिचा पंत ने उनका अस्पताल पांच साल के लिए कुछ शर्तों के साथ लीज पर लिया था। इसमें एक शर्त यह थी कि यदि कोई पक्ष लीज को समयावधि से पहले भंग करेगा तो उसे 90 लाख रुपये प्रतिकर के रूप में देने होंगे। आरोप लगाया कि डॉ. अतुल पांडे ने किराएनामे को भंग कर उन्हें सूचित किए बिना 21 जुलाई 2025 को अस्पताल खाली कर दिया।
डॉ.आरिफ ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. अतुल पांडे और डॉ. रिचा पंत ने प्रयास हास्पिटल के संचालन के दौरान 150 फर्जी मरीजों को उनके नाम से अस्पताल में भर्ती दिखाया। इन पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। उन फाइलों पर मरीज के इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम भी अंकित किया जबकि अस्पताल लीज पर देने के बाद कभी भी किसी मरीज का इलाज नहीं किया। सिर्फ भुगतान पाने के लिए डॉ. अतुल पांडे ने ईएसआई में क्लेम के लिए इन फाइलों को अपलोड कर दिया।
डॉ. आरिफ ने आरोप लगाया कि उन सभी मरीजों के बिल भी फर्जी हैं। उनके नाम से फर्जी मरीजों को अस्पताल में भर्ती दिखाया गया। फर्जी बिल बनाकर उनके नाम से मुहर बनाकर और फर्जी हस्ताक्षर कर ईएसआई क्लेम किया गया। फर्जी क्लेम होने के कारण उनके अस्पताल की सेवा समाप्त कर दी गई।
कोट
पुलिस ने रविवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। - सीओ बीएस धौनी
आरोप निराधार हैं। अस्पताल मिलजुल कर संचालित हो रहा था। किराया अत्यधिक होने के कारण बेहतर विकल्प मिलने पर अस्पताल छोड़ दिया था। द्वेषवश दबाव बनाने के लिए अनर्गल आरोप लगाए गए हैं। फर्जीवाड़े के आरोप निराधार हैं। - डॉ. अतुल पांडे