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काउंसलिंग पूरी होते ही दे दी तीन तलाक, एसएसपी के आदेश पर बढ़ी धारा

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काशीपुर। एक विवाहिता ने अपने पति और ननद के खिलाफ घरेलू हिंसा के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। विवाहिता का आरोप है कि काउंसिलिंग के दौरान पति ने तीन तलाक बोलकर उससे नाता तोड़ लिया। विवाहिता के बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में 3/4 मुस्लिम महिला (विवाह) अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा बढ़ा दी है।
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कचनालगाजी निवासी शगुफ्ता ने कहा है कि उसका विवाह 21 मई 2008 को विजय नगर नई बस्ती निवासी इमरान से हुआ था। वह मुरादाबाद रोड पर टायरों की दुकान करने के साथ ही डंपर भी चलाता है। आरोप है कि विवाह के बाद से ही पति का व्यवहार उसके प्रति ठीक नहीं रहा। वह दूसरी महिलाओं के संपर्क में रहने लगा। विरोध करने पर मारपीट करता था। उसके तीन छोटे बच्चे भी हैं।
आरोप है कि पति ने जहर देकर और गला दबाकर उसकी हत्या करने का भी प्रयास किया। छह माह पूर्व पति ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। तब से वह अपने मायके में रह रही है। महिला हेल्पलाइन में काउंसिलिंग के बाद कोतवाली पुलिस ने तीन अगस्त को आरोपी पति इमरान और उसकी बहन के खिलाफ दहेज अधिनियम व घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था।
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उधर, शगुफ्ता ने एसएसपी को शिकायती पत्र भेजकर कहा था काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूर्ण होने के तुरंत बाद कोतवाली में ही पति ने उसे तीन तलाक बोल दिया। उस समय वहां उसके मामा समेत दो लोग थे। एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने विवेचनाधिकारी को तीन तलाक के मुद्दे पर जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। 16 अगस्त को विवेचना अधिकारी विजय सिंह ने पीड़िता के अलावा तलाक के समय मौके पर मौजूद गवाहों के बयान दर्ज किए। आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताए गए हैं।
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