रुद्रपुर में एसआईआर बैठक के दौरान कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की मौजूदगी में विधायक शिव अरोरा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच जमकर तू-तू-मैं-मैं हुई। बहस इतनी बढ़ गई कि माहौल गरमा गया और भाजपा नेता धरने पर बैठ गए।
रुद्रपुर कलक्ट्रेट परिसर सोमवार को करीब सात घंटे तक राजनीति का अखाड़ा बना रहा। दोपहर 12:30 बजे शुरू हुआ हंगामा शाम सात बजे बाद तक जारी रहा। हंगामे के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, दायित्वधारी रामपाल सिंह, विधायक शिव अरोरा और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के साथ कई भाजपाई धरने पर बैठ गए। देर शाम तक अधिकारी भाजपाइयों को मनाने और धरना समाप्त कराने में लगे रहे लेकिन भाजपाई पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। देर शाम तक हंगामे के बीच कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और डीएम नितिन सिंह भदौरिया भी कार्यालय में रहे। वहीं, दोपहर में कांग्रेस ने नारेबाजी की। हालांकि, कुछ देर के हंगामे के बाद कांग्रेसी नेता और उनके समर्थक चले गए।
धरना पूर्व विधायक राजकुमार पर कार्रवाई के लिए चल रहा था। इस पर अधिकारियों ने तहरीर मांग ली लेकिन भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से तहरीर नहीं दी गई। भाजपाइयों का कहना था कि सरकारी बैठक के दौरान हंगामा हुआ है, ऐसे में अधिकारियों को सरकारी कार्य में बांधा की प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिए।