व्यापारी के घर में डकैती डालने वाले बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने गेट पर ही खुद को पुलिसकर्मी बताकर व्यापारी पुत्र को कब्जे में लिया और फिर आधे घंटे तक परिजनों को बंदूक की नोंक पर डराकर लाखों रुपये का सामान लूटकर भाग निकले। पुलिस ने फिगरप्रिंट एकत्र करने के साथ ही पूरी रात डकैतों की तलाश में कांबिग की, मगर अभी तक कुछ हाथ नहीं लग सका है।
शहर की मॉडल कालोनी में दो व्यापारी प्रेमकुमार अरोरा और वेदप्रकाश अरोरा का संयुक्त परिवार रहता है। रविवार की रात वेदप्रकाश को दिल्ली जाना था, इसलिए उनका बेटा सुमित स्कूटी से छोड़ने कालोनी के समीप रेलवे स्टेशन गया था। जब सुमित वापस लौटा तो बरामदे में पहले से ही छह लोग मौजूद थे। उन्होंने खुद को पुलिसवाले और एक साथी को एसओ बताते हुए सुमित से उसके खिलाफ आई एक शिकायत की बात कही। जब तक सुमित कुछ समझता, एक बदमाश ने उसकी कनपटी पर तमंचा लगा दिया।
उसके बाद बदमाश घर के भीतर घुस गए और उन्होंने घर में मौजूद 11 परिजनों को एक कमरे में बिठा दिया। चाकू और तमंचे से लैस दो बदमाश परिजनों की निगरानी करते रहे और बाकी डकैती डालते रहे। करीब आधे घंटे तक बदमाशों ने चार लाख की नकदी और दो लाख के जेवरात लूटे और बाहर नहीं निकलने की हिदायत देकर भाग निकले। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट डॉ. दयाल शरण ने रात में भी फिगर प्रिंट के नमूने लिए और एसएसपी केवल खुराना की अगुवाई में तड़के चार बजे तक कांबिंग अभियान चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। मामले में सुमित की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती का मुकदमा दर्ज किया गया है।
एएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि कोतवाली पुलिस और एसओजी सहित चार टीमें डकैतों की तलाश में जुटी हैं। बदमाशों के स्केच भी तैयार किए जा रहे हैं। वहीं एसएसपी केवल खुराना ने कहा कि पुलिस की वर्दी पहनकर पहले भी वारदात कर चुके गैंग को चिन्हित किया जा रहा है। यूएसनगर के अलावा कुछ टीमें सीमावर्ती यूपी के जिलों में भेजी गई हैं। जल्द ही मामला वर्कआउट कर दिया जाएगा।