आरपीएफ ने बच्ची सीडब्ल्यूसी को सौंपी, पूरे प्रमाण नहीं होने पर लौटे परिजन
काशीपुर। काशीपुर रेलवे स्टेशन की एक ट्रेन के कोच में ढाई साल की मासूम लावारिस हालत में मिली। बच्ची को रेलवे सुरक्षा बल ने बाल कल्याण समिति ऊधमसिंह नगर के सुपुर्द कर दिया। सूचना पर पहुंचे परिजनों को समिति ने संबंधित प्रमाणपत्र लाने पर ही बच्ची को सुपुर्द करने की बात कहकर लौटा दिया।
शुक्रवार शाम प्लेटफार्म संख्या तीन पर आरपीएफ के हेड कांस्टेबल हेमंत कुमार पांगती और गोविंद सिंह गश्त पर थे। एक ट्रेन के कोच संख्या 053578 एनई में उन्हें एक बच्ची लावारिस हालत में मिली। आरपीएफ निरीक्षक रणदीप कुमार ने सीडब्ल्यूसी की सदस्य हरनीत कौर को इसकी सूचना दी।
देर रात एएसआई फिरु सिंह राणा और हेड कांस्टेबल हेमंत कुमार ने बच्ची का मेडिकल कराकर उसे रुद्रपुर में समिति के कार्यालय में पहुंचाया। इधर, बच्ची को ढूंढता हुआ नसीम नाम का व्यक्ति पोस्ट पर पहुंचा तो आरपीएफ ने उसे रुद्रपुर जाने की सलाह दी। शनिवार को वह रुद्रपुर कार्यालय पहुंचा लेकिन प्रमाणपत्र पूरे नहीं होने पर उसे लौटा दिया गया।
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रामनगर से काशीपुर कैसे पहुंच गई बच्ची
काशीपुर। ग्राम भोजपुर निवासी नसीम ने बताया कि उसकी ढाई वर्ष की बेटी है। दो दिन पहले परिवार के साथ अपनी बहन के घर कार्बेट कॉलोनी रामनगर घूमने गया था। शुक्रवार दोपहर बाद पत्नी को पेट दर्द की दवा दिलाने के लिए डॉक्टर के पास गया था। लौटकर देखा तो बेटी घर पर नहीं मिली। कॉलोनी से रामनगर स्टेशन भी करीब एक किमी दूर है। उनकी किसी से रंजिश भी नहीं है। लेकिन बच्ची ट्रेन से काशीपुर कैसे पहुंची। समिति को आधार कार्ड दिखाया, लेकिन उन्होंने बच्ची का जन्म प्रमाणपत्र मांगा है। संवाद