रुद्रपुर में मिंडा और डेल्टा फैक्ट्री प्रबंधन के पुतलों की शव यात्रा निकालते श्रमिक।
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सिडकुल स्थित मिंडा और डेल्टा फैक्ट्री श्रमिकों के शोषण के खिलाफ मंगलवार को विभिन्न श्रमिक संगठन सड़कों पर उतर आए। श्रमिकों ने डेल्टा और मिंडा फैक्ट्री प्रबंधन के विशाल के पुतलों की शवयात्रा निकाली और सिडकुल चौक पर पुतलों को आग के हवाले किया।
मिंडा फैक्ट्री में अवैधानिक गेटबंदी के खिलाफ फैक्ट्री के श्रमिक पिछले 147 दिनों से धरने पर हैं। बीते दिनों अनशन पर बैठे श्रमिकों को पुलिस ने जबरन उठा लिया था। श्रमिकों का हल्द्वानी एसटीएच में आमरण अनशन जारी है। वहीं दो श्रमिक यहां एएलसी कार्यालय में भी अनशन पर बैैठे हैं। डेल्टा के श्रमिक भी मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन की राह पर हैं। मंगलवार को दोनों फैक्ट्रियों के श्रमिकों ने विभिन्न श्रमिक संगठनों से जुड़े श्रमिकों के साथ सहायक श्रमायुक्त कार्यालय पर एकत्र होकर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ गुबार निकाला। सभा के बाद डेल्टा और मिंडा प्रबंधन के विशाल पुतलों के साथ नैनीताल रोड पर शव यात्रा निकाली गई। सिडकुल चौक पर नारेबाजी के बीच पुतलों का दहन किया गया। श्रमिकों ने कहा कि मांगें जल्द पूरी नहीं हुई तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
पुतला दहन में सुंदर बिष्ट, पुष्कर तिवारी, राजेंद्र सम्भल, गौतम आर्या, सुंदर भंडारी, किशोर कुमार, महेश चंद्र, प्रकाश पाठक, महेश उपाध्याय आदि मौजूद थे।
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मिंडा और डेल्टा फैक्ट्री कर्मियों के समर्थन में जुटी विभिन्न यूनियनों ने मंगलवार को आंदोलन तेज करने का ऐलान किया। कई यूनियनों ने मांगें जल्द पूरी नहीं होने पर भारी संख्या में भूख हड़ताल पर बैठने की भी चेतावनी दी। श्रमिकों ने कहा कि प्रशासन, पुलिस और श्रम विभाग प्रबंधन के साथ खड़ा है, इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।