पंतनगर विश्वविद्यालय में कालेज ऑफ टेक्नालॉजी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग फाइनल इयर के विद्यार्थियों ने सौर ऊर्जा से चलने वाले मिल्क मेट्रो रिक्शा का निर्माण किया है। यह रिक्शा दूध बेचने वाले छोटे व्यवसायियों के लिए उपयोगी है। दुग्ध विक्रेता इस रिक्शा की मदद से कम समय में अधिक दूरी तय कर सकते हैं।
छात्रों ने बताया कि पंतनगर सहित कई स्थानों पर आज भी रिक्शे से दूध की आपूर्ति की जाती है, जिससे दुग्ध विक्रेता को अधिक शारीरिक श्रम करना पड़ता है। समय की भी अधिक बर्बादी होती है। मिल्क मेट्रो सोलर ऊर्जा से संचालित रिक्शा में लगाई गई मोटर को सोलर पैनल से चार्ज किया जाता है और बैट्री के माध्यम से चलाया जाता है। सोलर बैट्री से रिक्शा 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है।
उन्होंने बताया कि बाजार में अब तक उपलब्ध ई-रिक्शा की अपेक्षा यह रिक्शा काफी किफायती और गुणवत्तायुक्त है। इसकी कीमत 40-45 हजार रुपये तक है, जबकि ई-रिक्शा की कीमत एक लाख 20 हजार रुपये तक है। प्रोजेक्ट लीडर डा.रवि सक्सेना के निर्देशन में मिल्क मेट्रो रिक्शा तैयार करने वालों में इंजीनियर आकाश नागपाल, अक्षय वशिष्ठ, ऋषभ गुप्ता और वंदना पुंडीर शामिल हैं।