हजरत मेराज अली शाह बाबा के उर्स का जलसे के साथ आगाज हो गया। तीन दिनी उर्स में दूसरे दिन बिलासपुर की प्रकाश एंड कंपनी के कव्वालों ने बाबा के दौसाले में अल्लाह का कलाम पढ़ा और कव्वालियों से समां बांध दिया।
बुधवार की रात बाबा की मजार पर जलसे का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय व दूरदराज से आए उलेमाओं ने वलियों की शान में नाते मनकबद गुनगुनाई और तकरीर कर लोगों को अल्लाह के बताए रास्तों पर चलने की नसीहत दी। गोरीखेड़ा के हाफिज इरशाद हुसैन की नात-ए-पाक पर लोग झूम उठे। बृहस्पतिवार को गद्दी नसीन मुख्त्यार मियां काले बाबा के आवास से बाबा का दौसाला निकला। जो नगर के विभिन्न मार्गों से होकर शुक्लाफार्म पहुंचा और यहां बाबा की मजार पर चादर चढ़ाई गई। देर रात बदायूं के कव्वाल ताज गुड्डू और महिला कव्वाल वफा नाज कव्वालियों से समां बांधेंगे। शुक्रवार सुबह आठ बजे कुल शरीफ के साथ बाबा के उर्स का समापन होगा। वहां पर गद्दी नसीन मुख्त्यार मियां काले बाबा, इसाक अहमद, अफजाल अहमद, अवरार अहमद आदि थे।