रुद्रपुर। फुलसुंगा में तीन बीघा जमीन पर चार करोड़ रुपये की लागत से मानसिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र बनकर तैयार है। 50 बेड वाले पुनर्वास केंद्र में मरीजों को डिस्पेंसरी की सुविधा भी मिलेगी। इसके साथ ही निशुल्क इलाज, आवासीय सुविधा, भोजन आदि की व्यवस्था भी रहेगी। मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सक और स्टाफ नर्स भी रहेंगे। सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की सलाह पर पुनर्वास केंद्र में मानसिक दिव्यांगों को रखा जाएगा।
फुलसुंगा में कुमाऊं मंडल के पहले मानसिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (एमडीआरसी) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अभी तक कुमाऊं में बौद्धिक अक्षमता या मानसिक दिव्यांगता वाले लोगों के इलाज के लिए परिजन एम्स दिल्ली, एम्स ऋषिकेश के अलावा बरेली और लखनऊ में स्थित बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाते थे। इस समस्या को देखते हुए समाज कल्याण विभाग की ओर से फुलसुंगा में एमडीआरसी का भवन बनाया गया है।
कोट
मानसिक दिव्यांग पुनर्वास केंद्र का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। पेयजल निर्माण इकाई की ओर से निर्माण पूरा करने के बाद भवन को हस्तांतरित कर दिया गया है। अब जल्द ही केंद्र का संचालन शुरू कराया जाएगा।
- अमन अनिरुद्ध, जिला समाज कल्याण अधिकारी।