खटीमा। मेलाघाट मार्ग स्थित रेलवे फाटक शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। दिनभर में 18 बार फाटक के बंद होने पर दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इससे राहगीरों को भी जाम से जूझना पड़ता है। शहरवासियों ने विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अंडरपास या फ्लाईओवर बनवाने की मांग उठाई है।
इज्जत नगर रेलवे मंडल के अधीन खटीमा रेलवे स्टेशन से टनकपुर रेलवे स्टेशन (चंपावत) के बीच प्रतिदिन पैसेंजर ट्रेनों, एक्सप्रेस आदि का संचालन होता है। ट्रेनों की आवाजाही के चलते दिन में करीब 18 बार मेलाघाट रेलवे फाटक बंद होता है। इसके चलते खटीमा बाजार से राजीव नगर, ऊचीमहुवट, झनकईया, मेलाघाट, नगला तराई समेत यूपी के माधोटांडा, पूरनपुर, पीलीभीत आदि क्षेत्रों में जाने वाले वाहन चालकों आदि को रुकना पड़ता है।
ट्रेन गुजरने के बाद फाटक खुलने पर वाहन चालकों में आगे जाने की होड़ मच जाती है जिससे वाहन जाम में फंस जाते हैं। इससे यात्रियों और राहगीरों का काफी समय बर्बाद हो जाता है।
मेलाघाट मार्ग पर राजीव नगर चौराहा और खटीमा बाजार में मुख्य चौराहा तक वाहनों की कतारें नजर आती हैं। पूर्व में लोगों ने इस समस्या से निजात दिलाने के लिए चकरपुर की तरह अंडरपास बनाने की मांग की थी जो अब तक पूरी नहीं हो पाई।
खटीमा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक कौशल कुमार का कहना है कि रेलवे फाटक के पास अंडर पास बनाने की कोई योजना नहीं है।
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मेलाघाट रेलवे फाटक के पास यातायात सामान्य करने के लिए अस्थायी डिवाइडर लगाया जाएगा ताकि आगे निकलने की कोशिश में वाहन चालक दूसरी ओर न जा पाए। इसके लिए रेलवे प्रशासन से वार्ता की जा रही है। भविष्य में फ्लाईओवर की भी योजना है। - रमेश चंद्र जोशी, पालिकाध्यक्ष, खटीमा