रुद्रपुर। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल पर कार्रवाई की मांग को लेकर पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा ने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ कोतवाली में धरना दिया। एसडीएम मनीष बिष्ट के सामने मीना फफक पड़ीं। इधर, पुलिस ने ठुकराल पर प्राथमिकी दर्ज कर लिया है।
मंगलवार को जुलूस की शक्ल में मीना शर्मा दर्जनों महिलाओं के साथ कोतवाली पहुंची और दरी बिछाकर धरने पर बैठ गई। उनका कहना था कि वर्ष 2024 में एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल सत्ता की हनक दिखाकर उनके चरित्र पर अमर्यादित टिप्पणी कर रहे थे। उनकी सामाजिक और राजनीति छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। एक साल पहले इसकी शिकायत पुलिस और महिला आयोग से की गई लेकिन कहीं से न्याय नहीं मिला।
एसडीएम के कार्रवाई के आश्वासन पर मीना ने धरना समाप्त किया। मीना का कहना था कि उनका चरित्र प्रमाण पत्र बांटने का अधिकार ठुकराल को किसने दिया। यहां कोतवाल मनोज रतूड़ी ने भी भरोसा दिया।
यहां कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ममता रानी, ज्योति, मोना, उमा सरकार, अनिल शर्मा, सरोज रानी, तमन्ना यादव आदि मौजूद रहे। इधर, मीना शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने ठुकराल पर अपमानित करने की धारा 352 और जान बूझकर मर्यादा को ठेस पहुंचाने की धारा 79 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर लिया है। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है।
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पुराने ऑडियो से गरमाई नई सियासत
पूर्व विधायक ठुकराल के कांग्रेस में जाने की चर्चाएं लंबे समय से चल रही हैं। ठुकराल स्वयं कह चुके हैं कि वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक हरक सिंह रावत से वह कई दौर की मुलाकात कर चुके हैं। इन सबके बीच पुराना ऑडियो सामने आ गया है। इससे नई सियासत गरमा गई है। राजनीतिक पंडित इसके कई मायने निकाल रहे हैं। मीना वर्ष 2022 में कांग्रेस के सिंबल से विधायक का चुनाव लड़ चुकी हैं। विधायक शिव अरोरा से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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ठुकराल की गिरफ्तार की मांग
धरने पर बैठी मीना शर्मा ने ठुकराल की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं जिन धाराओं में एफआई दर्ज हुआ है वह तीन साल से कम सजा की हैं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में सात साल से अधिक सजा के मामले में गिरफ्तारी संभव है।