काशीपुर। स्वास्थ्य महानिदेशक के निर्देशों को दरकिनार कर एक महिला चिकित्साधिकारी का मुख्य चिकित्साधिकारी ने दूसरे जिले में अटैचमेंट करने के निर्देश जारी कर दिए। इसके आधार पर अस्पताल प्रशासन ने उन्हें रिलीव भी कर दिया है।
रामनगर राजकीय चिकित्सालय में तैनात संयुक्त निदेशक के पद पर महिला चिकित्साधिकारी का शासन की ओर से 10 जून को स्थानांतरण एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय काशीपुर में किया गया था। सूत्रों ने बताया कि वह बीच-बीच में कई दिनों तक गायब रहती थीं और जब आती थीं तब रजिस्टर में खाली बॉक्सों में अपनी उपस्थिति लगा देती थीं।
इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों और मीडिया को पता लगने पर वह दो महिला चिकित्सकों के साथ बैठने लगीं। 19 नवंबर को सीएमओ ऊधमसिंह नगर ने नैनीताल जिले में वीवीआईपी भ्रमण, राष्ट्रीय कार्यक्रम, कोर्ट केस, जनता दरबार आदि का हवाला देकर उन्हें नैनीताल में संबद्ध करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस पर सीएमएस ने उन्हें कार्यमुक्त कर दिया है।
आरोप है कि मरीजों का इलाज किए बगैर करीब चार माह वेतन ले लिया जबकि 11 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने मंडल एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों के स्थानांतरण एवं संबंद्धीकरण निरस्त कर स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के अवहेलना बताया था। उन्होंने यह भी कहा था यदि अति आवश्यक हो तो कर्मचारी का प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराएं।
कोट:
सरकारी अस्पताल में संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात चिकित्साधिकारी को कार्य की अधिकता के चलते नैनीताल संबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। अब सीएमएस को देखना है कि उन्हें रिलीव करना है या नहीं। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर