हाईराइज बिल्डिंग जोन में 30 मंजिला तक बन सकेंगे भवन, पिछली महायोजना से 12 वर्ग किमी दायरा बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। जिले में रुद्रपुर और काशीपुर की महायोजना (मास्टर प्लान) 2041 को नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने तैयार कर लिया है। इसके तहत आवासीय क्षेत्र को 50 फीसदी जबकि 16 फीसदी ग्रीन बेल्ट रखी गई है। इसके साथ ही 48 हेक्टेयर में निर्धारित हाईराइज बिल्डिंग जोन में भवन 10 मंजिला से बढ़ाकर 30 मंजिला किया गया है। जनता की सहूलियत के लिए प्राधिकरण दफ्तर सहित संबंधित विभागों में महायोजना की प्रदर्शनी लगाकर जनता से आपत्ति और सुझाव मांगे जा रहे हैं। इसके बाद शासन की ओर से गठित कमेटी आपत्तियों का निस्तारण कर प्रारूप में संशोधन के लिए नगर नियोजन विभाग को भेजेगी। माना जा रहा है कि मई में मास्टर प्लान अस्तित्व में आ जाएगा। सिडकुल को महायोजना में शामिल नहीं किया गया है।
रुद्रपुर का मास्टर प्लान 2031 तक था लेकिन शासन ने बढ़ती आबादी को देखते हुए नए सिरे से मास्टर प्लान बनाने के निर्देश दिए थे। नगर नियोजन विभाग ने निजी फर्म से रुद्रपुर के साथ ही काशीपुर का मास्टर प्लान 2041 तैयार कराया है। इस प्रारूप को लेकर जनता से आपत्ति और सुझाव मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रुद्रपुर में पहले मास्टर प्लान के दायरे में 108 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र है जबकि नए मास्टर प्लान में क्षेत्र को बढ़ाकर 120 वर्ग किलोमीटर किया गया है।
नए मास्टर प्लान में 10 गांवों को शामिल किया है। इसके अलावा अवैध काॅलोनियों और निर्माण को तय शुल्क देकर नियमित किया जा सकेगा। मास्टर प्लान में गरीबों के आवास, नवीन मंडी, ट्रांसपोर्टनगर और वेयर हाउस भी निर्धारित किए गए हैं।
इंसेट: अमरपुर, जाफरपुर सहित दस गांव शामिल
रुद्रपुर। रुद्रपुर महायोजना में दस गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों में अमरपुर, जाफरपुर, बागवाला, लोहारा, लोहारी, गंगापुर पटिया, रामेश्वरपुर, खमरिया, मलसी गिरधरपुर और मलसी को रखा गया है। पहले मास्टर प्लान में गांव शामिल नहीं थे। इसके साथ ही कईं जगहों के भू उपयोग में परिवर्तन किया गया है। महायोजना में व्यवसायिक तीन फीसदी, औद्योगिक सात फीसदी, सामाजिक सुविधाएं 11 फीसदी, मिश्रित भू उपयोग 2 फीसदी और परिवहन 11 फीसदी रखा गया है। संवाद
इंसेट: वन विभाग की जमीन से 100 मीटर तक निर्माण प्रतिबंधित
रुद्रपुर। मास्टर प्लान में इको सेंसेटिव जोन भी रखा गया है। इसके तहत वन विभाग की जमीन से सौ मीटर दायरे तक कोई भी निर्माण नहीं हो सकेगा। रुद्रपुर महायोजना में 16 फीसदी ग्रीन बेल्ट की तुलना में काशीपुर में प्रदूषण अधिक होने पर ग्रीन बेल्ट को 24 फीसदी किया गया है। जनता की आपत्तियों की सुनवाई के लिए सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में प्राधिकरण उपाध्यक्ष को अध्यक्ष, चीफ टाउन प्लानर को सदस्य सचिव के साथ ही एसपी ट्रैफिक, नगर आयुक्त, डीएफओ, लोनिवि और सिंचाई विभाग के ईई को सदस्य बनाया गया है। संवाद
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इंसेट: तीन प्रतियों में दे सकते हैं सुझाव और आपत्ति
रुद्रपुर। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की ओर से तैयार महायोजना 2041 को जनता के लिए प्रदर्शनी के लिए रखा गया है। रुद्रपुर में डीएम कार्यालय, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण और नगर निगम कार्यालय में महायोजना के मानचित्र को चस्पा किया गया है। इसके अलावा काशीपुर में एसडीएम/ संयुक्त सचिव विकास प्राधिकरण, नगर निगम काशीपुर और तहसीलदार कार्यालय में मानचित्र चस्पा कर कर्मचारियों और महायोजना तैयार करने वाली फर्म की टीम तैनात हैं। लोग महायोजना के प्रारूप की जानकारी लेने के साथ ही वहां आपत्ति जमा कर सकते हैं। विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी रुद्रपुर और काशीपुर महायोजना प्रारूप निशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। संवाद
प्रतिक्रिया
- अधिकारियों की ओर से तैयार किया गया मास्टर प्लान अच्छा है बशर्ते प्रस्तावित सड़कों के नेटवर्क को हासिल करने में सक्षम हों। सरकार वर्तमान तक भी पिछले मास्टर प्लान के अनुसार सड़कों को पूरा नहीं कर पा रही है। सामुदायिक भूमि की अधिक वैज्ञानिक ढंग से पहचान हो। सीए, हेमंत सिंघल
- मास्टर प्लान में सबसे पहले रुद्रपुर के कूड़े के पहाड़ का निस्तारण होना चाहिए। यह शहर पर बदनुमा दाग होने के साथ ही बीमारियां भी फैलाता है। शहर में कम्यूनिटी हॉल के साथ औद्योगिक पार्किंग और सिटी पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए। सड़कों पर अतिक्रमण न हो और खुली सड़कें चलने को मिलें। सीए राजीव भटनागर
- कोट: नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने रुद्रपुर और काशीपुर महायोजना 2041 को तैयार कराया है। इसकी प्रदर्शनी जनता के लिए रखी गई और लोग 31 मार्च तक सुझाव, आपत्ति दे सकते हैं। इसके बाद चयनित कमेटी आपत्तियों का निस्तारण का संशोधन के लिए नगर नियोजन विभाग को भेजेगी और फिर संशोधन के बाद महायोजना को लागू किया जाएगा। मई तक महायोजना के लागू होने की संभावना है। हरीश कांडपाल, उपाध्यक्ष, डीडीए