जसपुर। राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक इन दिनों सरकारी कार्याें में व्यस्त हैं। ऐसे में ब्लाॅक क्षेत्र की कई पाठशालाएं शिक्षकविहीन हो गई हैं। इससे बच्चों की शिक्षा पर न सिर्फ असर पड़ रहा है बल्कि फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह में वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम घोषित होना है।
ब्लाॅक क्षेत्र में 98 राजकीय प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें 337 शिक्षक तैनात हैं। इन्हीं में से लगभग 200 शिक्षकों को सरकारी कार्यों में लगाया गया है। नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि इस समय ब्लॉक एवं जिलास्तर पर शिक्षकों की बैठक, ट्रेनिंग, प्रतियोगिताएं और कांफ्रेंस का कार्यक्रम चल रहा है। इनमें सपनों का उड़ान कार्यक्रम, एफएलएन फाॅलोअप, शिक्षक कांफ्रेंस, निपुण विद्यार्थी प्रतियोगिता, वीएसके ऑनलाइन मीटिंग और एलटीएम प्रतियोगिता शामिल हैं। यह सभी कार्यक्रम बीआरसी, सीआरसी, विद्यालय एवं जिला स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में एड शिक्षकों को जिला प्रशिक्षण संस्थान में बुला लिया गया है। शेष सहायक अध्यापकों को बीआसी के कार्यक्रम में एक साथ लगाया है। ऐसे में शिक्षक न होने से बच्चे खाली बैठे हैं। ऐसे में जब शिक्षक विद्यालयों में ही नही होंगे तो बच्चों का क्या पढ़ाई होगी।
सरकार की योजना के तहत ही सभी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों के अंदर गुणवत्ता लाना है। नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। हमारे स्तर से कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं हो रहा है।
-सीताराम कछारी, खंड शिक्षा अधिकारी, जसपुर