मनोज ने कांस्य, तो मनदीप व चिराग ने झटके रजत पदक
ब्राजील में 10 से 16 अप्रैल तक चली अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन स्पर्धा
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। पैरा बैडमिंटन की विश्व रैंकिंग में अव्वल उत्तराखंड की गोल्डन गर्ल मनदीप कौर को विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर रहीं मानसी गिरीश चंद्र जोशी ने युगल वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारी शिकस्त दी। मानसी ने मनदीप को 21-11, 21-10 के स्कोर से हरा दिया। ऐसे में मनदीप को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन की ओर से ब्राजील के साओ पाउला शहर में 10 से 16 अप्रैल तक ब्राजील पैरा बैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले से रुद्रपुर के आदर्श इंदिरा बंगाली कालोनी निवासी अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मनोज सरकार, काशीपुर से चिराग बरेठा व बाजपुर से मनदीप कौर ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में एसएल-3 श्रेणी के एकल वर्ग में मनोज सरकार व नीतिश कुमार के बीच सेमीफाइनल मुकाबला खेला गया। इसमें नीतिश कुमार ने मनोज को 21-16, 21-16 के स्कोर से हरा दिया, मनोज को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में विश्व रैंकिंग की नंबर वन खिलाड़ी मनदीप कौर का सामना रैंकिंग में नंबर-2 की खिलाड़ी मानसी गिरीश चंद्र जोशी से हुआ। मानसी जोशी ने मनदीप कौर को 21-12, 21-23, 21-13 के स्कोर से हरा दिया, इसके चलते मनदीप को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं महिला युगल वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में मनदीप कौर व मनीषा रमादास की जोड़ी ने कोस्ता रिका देश के निपाडा सैनसुपा व चैनिदा श्रीनवाकुल की जोड़ी को 21-07, 21-09 के स्कोर से हराकर फाइनल मुकाबले में प्रवेश किया। फाइनल मुकाबले में मनदीप व मनीषा रमादास की जोड़ी को मानसी गिरिश चंद्र जोशी व मुरुगेशन थुलासिमाथी की जोड़ी से सामना हुआ। जिसमें मनदीप व मनीषा को हार मिली और रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
इधर, पुरुष युगल वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में चिराग बरेठा और राजकुमार की जोड़ी ने दक्षिण कोरिया के जियों सुनवो और किमजि युओं की जोड़ी को 21-12, 21-16 के स्कोर से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल मुकाबले में चिराग बरेठा व राजकुमार की जोड़ी को मलेशिया के मोहम्मद फरीज और चिह लिक होय से सामना करना पड़ा। इसमें चिराग बरेठा व राजकुमार को 21-13, 21-18 के स्कोर से हारके रजत पदक से संतोष करना पड़ा।