रुद्रपुर। केंद्र सरकार ने इस बार मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी 213 रुपये से बढ़ाकर 230 रुपये प्रतिदिन भले ही कर दी हो। लेकिन बीते वर्ष के मुताबिक मनरेगा में इस साल के वित्तीय वर्ष में मानव दिवस की संख्या दो लाख 22 हजार कम की गई है। दिवस कम होने से जिले के ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों में मनरेगा से होने वाले विकास कार्यों में भी प्रभाव पड़ेगा।
मनरेगा में बीते वर्ष जिले के सात ब्लॉकों में 10 लाख 29 हजार मानव दिवस का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जबकि इस वित्तीय वर्ष के लिए 806160 मानव दिवस निर्धारित किया गया है। मनरेगा प्रकोष्ठ से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार की अधिकृत समिति की ओर से मनरेगा में वर्ष 2023-24 के लिए उत्तराखंड के लिए कुल 150 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य रखा गया है। सबसे कम बागेश्वर जिले में पांच लाख मानव दिवस का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार की ओर से विभिन्न जिलों में न्यूनतम मानव दिवस सृजित किए गए हैं। डीडीओ तारा ह्यांकी ने बताया कि मनरेगा में जल्द ही ब्लॉकों में मानव दिवस का लक्ष्य निर्धारित कर दिया जाएगा।
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टिहरी गढ़वाल में सबसे अधिक 22 लाख मानव दिवस का दिया लक्ष्य
रुद्रपुर। टिहरी गढ़वाल में सबसे अधिक 22 लाख 36 हजार 353 मानव दिवस का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फिर दूसरे नंबर में पौड़ी गढ़वाल में 16 लाख 59 हजार 827, उत्तरकाशी में 15 लाख 82 हजार 418, चमोली में 14 लाख 66 हजार 259, अल्मोड़ा में 1250000, बागेश्वर में 508872, चंपावत में 719992, देहरादून में 1220892, हरिद्वार में 925812, नैनीताल में 598836, पिथौरागढ़ में 1214733, रुद्रप्रयाग में 809846, ऊधमसिंह नगर में 806160 मानव दिवस निर्धारित किया गया है। संवाद
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बाजपुर में 230 परिवारों को दिया गया 100 दिन का रोजगार
रुद्रपुर। मनरेगा की ओर से जिले के बाजपुर ब्लॉक में 230 परिवारों को 2022-23 में 100 दिन का रोजगार दिया गया है। वहीं जसपुर में 313, रुद्रपुर में 140, सितारगंज में 135, खटीमा में 92, काशीपुर में 58, गदरपुर में 53 परिवारों को मनरेगा की ओर से 100 दिन का रोजगार दिया गया है। बीते वर्ष जिले में कुल 997 परिवारों को 100 दिन का रोजगार मिला है। संवाद